EC के ऐतिहासिक निर्णय पर ममता का बयान, यह मोदी तथा अमित शाह के लिए उपहार है!


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चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में कोलकाता में हुई हिंसा को देखते हुए राज्य में अंतिम चरण के मतदान के लिए निर्धारित समय से एक दिन पहले 16 मई को रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने बुधवार को इस विषय में आदेश जारी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 16 मई को रात 10 बजे से हर तरह के प्रचार अभियान पर रोक लगा दिया जाएगा। उप चुनाव आयुक्त चंद्रभूषण कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह देश के इतिहास में संभवत: पहला अवसर है, जब चुनाव आयोग ने चुनाव हिंसा को ध्यान में रख के किसी चुनाव में निर्धारित समय से पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगा दिया है।

उल्लेखनीय है कि आयोग ने मंगलवार को कलकत्ता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसक झड़प की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ये कार्यवाही की है। इस संबंध में, कुमार ने ट्वीट करके स्पषट किया कि राज्य में हिंसक झड़प के बीच समाज सुधारक, ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के बाद राज्य में कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति देख कर चुनाव आयोग ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए चुनाव प्रचार को समय से पहले बंद करने का फैसला लिया है। यह संभवत: पहला अवसर है, जब संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार इस प्रकार की कार्यवाही करनी पड़ी है। इसके अलावा, आयोग ने पश्चिम बंगाल में सेवा देने वाले पुलिस सेवा के दो अधिकारियों को भी सेवा से मुक्त करने का और उन्हें चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने का आदेश दिया है।

टीएमसी अध्यक्ष ममता ब‌ेनर्जी ने बुधवार को कहा कि इस आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार दिया है। जो अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा चुनाव आयोग नहीं देखा, जो आरएसएस के लोगों से भरा हो। ममता बेनर्जी ने एक अधिवेशन में दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है जो अनुच्छेद 324 लागू किया जाए। यह अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है। यह वास्तव में मोदी और अमित शाह के लिए एक उपहार है।