CRPF ना होती तो मेरा पश्चिम बंगाल से बचकर निकलना मुश्किल था : अमित शाह


(Photo Credit : theindianwire.com)

कोलकाता रोड शो में हिंसा पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने किया पलटवार। अमित शाह ने कहा कि हिंसा के बारे में सुबह से ही पता था लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी के लोगों ने झूठ फैलाने के लिए मूर्ति तोड़ी।

अमित शाह ने आगे कहा कि छह चरणों में बंगाल के अलावा कहीं भी हिंसा नहीं हुई। ममताजी कह रही हैं कि बीजेपी हिंसा करा रही है। ममता जी 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, हम तो पूरे देश में चुनाव लड़ रहे हैं। कहीं और हिंसा नहीं हुई है। तो यह स्पष्ट है कि टीएमसी के लोग ही हिंसा कर रहे हैं। लोकतंत्र की हत्या की गई है।

इसके अलावा, अमित शाह ने कहा कि अगर कल सीआरपीएफ ना होती, तो मेरा वहां से बच कर निकलना मुश्किल था।

साथ ही, अमित शाह ने कहा कि हमारा पोस्टर-बैनर फाड़ दिया गया है। हमारे कार्यकर्ताओं को उकसाया गया। हमारे कार्यकर्ता चुप रहे। रोड शो के लिए दो से ढाई लाख लोग पहुंचे। हमला तीन बार हुआ। पत्थर, केरोसिन और तेल सभी का इस्तेमाल किया गया था। सुबह से खबर थी कि युवा कॉलेज की सड़कों पर हिंसा कर सकते हैं। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। टीएमसी के लोग कह रहे हैं कि भाजपा के लोगों ने इश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी। लेकिन हम तो कॉलेज के बाहर थे। अंदर तो टीएमसी के लोग थे , टीएमसी के लोगों ने झूठ फैलाने के लिए मूर्ति को तोड़ दिया। कई फुटेज हैं। कॉलेज का गेट भी नहीं टूटा है।

अमित शाह ने आगे कहा कि शाम 7.30 बजे की बात है, तब तक तो कॉलेज बंद कर दिया जाता है। किसने कमरा खोला, कमरे की चाबी कहां से आई? टीएमसी की उलटी गिनती शुरू हो गई है। इन सभी सबूतों से पता चलता है कि इश्वरचंद विद्यासागर की प्रतिमा को टीएमसी के लोगों ने ही तोड़ा था।