अलवर गैंगरेप पीड़िता को राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल नियुक्त किया गया


woman crime

राजस्थान सरकार ने कैबिनेट में नियुक्ति को दी मंजूरी

राजस्थान के अलवर शहर २६ अप्रेल २०१९ को सामुहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले की पीड़िता को राज्य सरकार ने राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्त किया है। इस आशय की मंजूरी राज्य की कैबिनेट ने मंगलवार को प्रदान की।

राज्य सरकार के कदम पर मिश्र-प्रतिभाव

राजस्था सरकार द्वारा इस दुष्कर्म मामले की पीड़िता को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था। इस वादे को मंगलवार को पूरा किया गया। हालांकि इस निर्णय की घोषणा के बाद मिश्र प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछेक ने सरकार के निर्णय की प्रशंसा की है। कुछेक का कहना यह था कि सरकार ने फैसला तो अच्छा लिया है लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिये था, जिससे पीड़िता मुक्त रूप से अपनी नौकरी कर सके। उधर इस का विरोध करने वाले यह दलील दे रहे हैं कि मामले के दोषियों से ध्यान हटाने के लिये सरकार लीपापोती कर रही है।

२६ अप्रेल की वारदात

बता दें कि यह घटना २६ अप्रेल २०१९ की है। जानकारी के अनुसार एक महिला अपने पति के साथ अलवर के लालवाडी से तालवृक्ष जा रही थी तभी इलाके के पांच बदमाशों ने आकर उन्हें घेर लिया और पास के टीले पर ले जाकर पांचों ने दोनों के साथ मारपीट की और फिर महिला के साथ गैँगरेप किया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने घटना का वीडियो उतारा और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। बाद में बदमाशों ने पीड़ितों के घर पहुंचने पर फोन करके पैसों की मांग की। पीड़ित गरीब थे और उनके पास पैसे नहीं थे। इस पर बदमाशों ने वीडियो वायरल कर दिये। पीड़िता ने २ मई को एफआईआर दर्ज कराई।

जानिये पीड़ितों की जुबानी वारदात की कहानी

प्रारंभ में सप्ताह भर तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ। लेकिन जैसे-जैसे पूरे प्रदेश में लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा सरकार हरकत में आई और पुलिस पर दबाव बनाया। उसके बाद कहीं जाकर पांचों आरोपी पकड़े गये। आरोपियों ने जुर्म का इकरार भी किया। मीडिया के समक्ष भी आरोपियों ने अपराध की बात मानी।

चुनाव में खूब उछला था मामला

चुंकि यह घटना लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी, इसलिये चुनाव प्रचार के दौरान इस मामले पर खूब राजनीति हुई थी। विशेष रूप से बसपा सुप्रीमो मायावती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच में इस विषय पर तीखी बयानबाजी सामने आई थी।