अलीगढ़ हत्याकांड : बड़ों के विवाद में बच्ची की घिनौनी हत्या, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकद्दमा


अलीगढ़ (ईएमएस)। जिले के टप्पल इलाके में धन के लेन-देन को लेकर हुए विवाद की रंजिश में तीन साल की एक बच्ची की हत्या करके उसका शव कूड़े के ढेर में डाल दिया गया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से मौके पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने गुरुवार को बताया कि बीती 31 मई को टप्पल से लापता हुई तीन साल की बच्ची का क्षत-विक्षत शव गत दो जून को उसके घर के पास एक कूड़े के ढेर में दबा पाया गया। उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता बनवारी लाल शर्मा की शिकायत पर जाहिद और असलम नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपियों का बच्ची के पिता से धन के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था।

इस हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर काफी झूठा प्रचार होने लगा। ट्वीटर पर यूजर्स यह कहते देखे गये कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। यह भी दावा किया गया है कि पीड़िता की बांह को काट दिया गया था, उसकी आंखों को बाहर निकाला गया था और उसके शरीर पर तेजाब डाला गया था।

तथ्यात्मक खबर प्रकाशित करने वाली वेबसाईट ऑल्टन्‍यूज ने इस बारे में पूरी रपट प्रकाशित की। साथ ही सत्य से परे जानकारी शेयर करने वालों के ट्ववीट्स भी साझा किये।

 

 

इन ट्ववीट्स पर कई जानी-मानी हस्तियों ने भी टिप्पणियां कीं। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि लोग किसी भी जानकारी की पुष्टि किये बगैर उसे फोरवर्ड कर देते हैं। बच्ची की घिनौनी हत्या से पूर्व दुष्कर्म और अन्य विकृत करतूतों की खबर वायरत होते देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि को स्पष्टीकरण भी देना पड़ा।

आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रेक अदालत में चलेगा मुकद्दमा

कुलहरि ने बताया कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से बलात्कार के संकेत नहीं मिले हैं। उसकी गला दबाकर हत्या की गयी है। उन्होंने कहा कि वारदात की गम्भीरता को देखते हुए दोनों अभियुक्त पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तामील किये जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है। मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराये जाने की भी प्रक्रिया शुरू की गयी है। कुलहरि ने बताया कि मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से कल हुए तनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।