8 फीसदी विकास दर का अनुमान, महंगाई में आई कमी


नई दिल्ली । देश का आम बजट शनिवार को आएगा इससे पहले आज संसद में र्आिथक सर्वे पेश किया गया। वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने इसे संसद में पेश किया। र्आिथक सर्वेक्षण में ८ फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया गया है, वहीं अप्रैल-दिसंबर के बीच महंगाई दर घटने की बात भी कही गई है। र्आिथक सर्वे का उद्देश्य पिछले साल के र्आिथक विकास की योजनाओं की समीक्षा को दर्शाना होता है। इसमें सरकार की नीति और विकास की योजनाओं को दर्शाया जाता है। र्आिथक सर्वे में बताया गया है कि देश में विकास का अच्छा माहौल है और २०१४-१५ में विकास घरेलू मांग के कारण हुआ है।
र्आिथक समीक्षा में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में र्आिथक वृद्धि दर ८ से १० प्रतिशत के बीच संभव है। वर्ष २०१४-१५ में वृद्धि दर ७.४ प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार की पहलों और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति में कमी का रुझान भी है। वित्त वर्ष २०१४-१५ में खाद्य उत्पादन २५.७० करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले पांच वर्ष के औसत प्रदर्शन से ८५ लाख टन अधिक होगा। खाद्य साqब्सडी बिल अप्रैल-जनवरी २०१४-१५ के दौरान २० प्रतिशत बढ़कर १.०७ लाख करोड़ रुपये रहा है। सरकार राजकोषीय मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है और राजस्व सृजन बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है।
र्आिथक समीक्षा के मुताबिक सरकार चुनौतियों के बावजूद २०१४-१५ में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के ४.१ प्रतिशत के दायरे में रखने पर कायम है। चालू खाते का घाटा २०१५-१६ में घटकर जीडीपी के एक प्रतिशत पर आ जाएगा। महंगाई के बारे में इसमें कहा गया है कि २ृ१३ के बाद से इसमें छह प्रतिशतांक से अधिक की गिरावट आ चुकी है। निर्यात और विदेशी पूंजी के आगम में भी मजबूती आ रही है। औद्योगिक विकास दर में भी तेजी आई है।
कृषि क्षेत्र के बारे में सर्वेक्षण में कहा गया है कि २०१४-१५ के लिए अनाज उत्पादन २५.७०७ करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो गत वर्ष के उत्पादन से ८५ लाख टन अधिक होगा। साqब्सडी के बारे में इसमें कहा गया है कि इससे गरीबों के जीवनस्तर में किसी विशेष बदलाव आया हो, ऐसा दिखाई नहीं पड़ता। वित्तीय ाqस्थति के बारे में सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और राजस्व बढ़ाने पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा।