25 हजार पाटीदार जेल के बाहर हार्दिक का करेंगे भव्य स्वागत, कल रिहा होंगे


25 हजार पाटीदार जेल के बाहर हार्दिक का करेंगे भव्य स्वागत, कल रिहा होंगे
सूरत। सोमवार को विसनगर मामले में हार्दिक पटेल को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया। मंगलवार को हार्दिक के वकील ने बताया कि सभी मामलों के जमानत के कागजात जेल अधीक्षक के पास जमा कराने के बाद हार्दिक को लाजपोर जेल से रिहा कर दिया जाएगा। हार्दिक के जेल से बाहर आते ही 25 हजार पाटीदार भव्य स्वागत करेंगे। ज्ञातव्य है कि कोर्ट की शर्तो के अनुसार जेल से रिहा होने के 48 घंटों के भीतर हार्दिक पटेल को गुजरात छोड़ देना पड़ेगा। वहीं हार्दिक पटेल 9 महीने तक महेसाणा नहीं जा सकेंगे। कोर्ट में वकील ने महेसाणा में हार्दिक की कुलदेवी होने के कारण जाने की मंजूरी मांगी थी, किंतु कोर्ट ने मंजूरी देने से इंकार कर दिया।

दिल्ली को बेस बनाना होगा : पास नेता बांभणिया

कोर्ट की शर्तो के अनुसार हार्दिक जेल से रिहा होने के बाद 6 महीने तक गुजरात से बाहर रहेंगे। इस बारे में पास के अग्रणी दिनेश बांभणिया का कहना है 6 महीने तक हार्दिक पटेल दिल्ली में बेस बनाएंगे और उत्तरप्रदेश, हरियाणा के पाटीदार समाज को संगठित करेंगे। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले पाटीदार समाज के लोगों से मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को आगे बढाने का काम करेंगे। हार्दिक मात्र पाटीदार ही नहीं बल्कि अन्य समाज के लोगों के साथ मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

हार्दिक को और एक-दो दिन जेल में रहना होगा

हार्दिक के वकील यशवंत सिंह वाला ने बताया कि 13 जुलाई को अलग-अलग मामलों के कागज लाजपोर जेल में पेश करने के बाद हार्दिक को रिहा किया जाएगा। सोमवार को जमानत मिलने के बाद हार्दिक कब जेल से बाहर आएंगे इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई थी। हार्दिक के वकील ने बताया कि सभी केसों के कागज जमा करने के बाद हार्दिक को रिहा किया जाएगा। कानूनी कार्रवाई पूरी करने में एक-दो दिन बीत जाएगा। कहा जा रहा है कि हार्दिक बुधवार को देर शाम या गुरूवार को जेल से रिहा होंगे।
दूसरी ओर वकील रफीक लोखंडवाला ने बताया कि एक ही दिन में विसनगर, अहमदाबाद और सूरत की ‘बीडÓ हम जेल में पेश करेंगे। जमानत पर रिहा होने के बाद हार्दिक पटेल अहमदाबाद और सूरत की कोर्ट में पेश होकर नए सिरे से 6 महीना गुजरात से बाहर रहने का वायदा करेंगे।

विरमगाम सहित पूरे गुजरात में उत्साह

जमानत मंजूर होने के बाद हार्दिक पटेल एक-दो दिनों में जेल से बाहर आ जाएंगे। हार्दिक की रिहाई को लेकर उनके परिवार सहित पूरे गुजरात के पाटीदारों में खुशी छायी हुई है। विरमगाम सहित पूरे गुजरात में हार्दिक के स्वागत की भव्य तैयारियां की गयी हैं।

लाजपोर जेल के बाहर का नजारा कुछ और ही होगा

हार्दिक पटेल लगभग 14 जुलाई को जेल से रिहा हो सकेंगे। इस बारे में दिनेश बांभणिया ने कहा कि कानूनी तौर पर जेल से रिहा होने के बाद हार्दिक केवल 48 घंटे गुजरात में रह सकेंगे। कानूनी प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। हार्दिक पटेल के जेल से रिहा होते ही उनके स्वागत के लिए जेल से बाहर 25 हजार से अधिक पाटीदार मौजूद रहेंगे। लाजपोर से रिहा होने के बाद हार्दिक पटेल वराछा योगी चौक में 1 लाख पाटीदारों को संबोधित करेंगे। इसके बार परिवार से मिलने के लिए विरमगाम रवाना होंगे। दिनेश बांभणिया की मानें तो हार्दिक पटेल के 6 महीने गुजरात से बाहर रहने के लिए राजस्थान के गुर्जर नेता, हरियाणा के एक जाट नेता ने पूरी तैयारी की हुई है। इसके अलावा मुंबई में हार्दिक के कई सगे-संबंधी रहते हैं। हार्दिक पटेल कहीं भी रह सकते हैं। हार्दिक के रहने के बारे में पास के सदस्य मिलकर निर्णय लेंगे।

सरकार की मदद से हार्दिक को जमानत नहीं मिली : हार्दिक के पिता

हार्दिक के पिता ने कहा कि हमें न्याय प्रणाली और भगवान पर पूरा भरोसा था। हार्दिक को जमानत सरकार की मदद से नहीं मिली है। सरकार ने तो पाटीदारों पर केस किया है। सरकार पाटीदारों पर किए गए केस वापस ले तो हम समझें की सरकार हमारी मदद कर रही है। सरकार की ओर से जमानत दिलाने में कोई मदद नहीं की गयी। सरकार मदद करती तो हार्दिक को 9 महीने जेल में नहीं बिताने पड़ते।

लोकतंत्र के लिए खुशी की बात है: भरतसिंह सोलंकी
गुजरात कांग्रेस के प्रमुख भरतसिंह सोलंकी ने कहा कि-हार्दिक पटेल सहित अन्य पाटीदारों को जमानत मिली है यह लोकतंत्र के लिए खुशी की बात है। भाजपा के खिलाफ जांच करके कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा के अन्याय और दुव्र्यवहार की भी जांच की जानी चाहिए।

भाजपा के नरम रूख से मिली जमानत : रूपाणी

 

गुजरात भाजपा प्रमुख और मंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि हार्दिक पटेल सहित अन्य पाटीदारों की अधिकांश मांगों को सरकार ने मान ली है। भाजपा सरकार के नरम रूख के कारण ही हार्दिक को जमानत मिली है।

हीरो-जीरो कौन, समय बताएगा

कोर्ट में सुनवाई के दौरान हार्दिक को उंझा जाने दिया गया तो वह हीरोगीरी करेगा ऐसी दलील दी गयी थी। इस पर टिप्पणी करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि हीरो कौन-जीरो कौन यह तो समय ही बताएगा। वहीं सरकार को भी साफ शब्दों में बता दिया गया कि गुजरात में चारों ओर अनेकों विलन घूम रहे हैं।

65 साल की शारदाबा ने ली जमानत

विसनगर तोडफ़ोड़ मामले में 65 साल की शारदाबा ने हार्दिक पटेल की जमानत ली है। शारदाबा का कहना है कि-पाटीदारों के हक के लिए लड़ रहे हार्दिक पटेल की और किसी तरह से नहीं तो जमानत लेकर ही मदद कर सकती हूं। शारदाबा ने कहा कि हार्दिक से कभी मेरी मुलाकात नहीं हुई है उसे केवल टीवी पर ही देखा है। मैं चाहती हूं कि सभी मां को ऐसा ही पुत्र मिले। यह पाटीदारों का सौभाग्य है। 25 हजार की जमानत लेने वाली शारदाबा काफी खुश दिखाई दे रही हैं। शारदाबा ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट की शर्तो का उल्लंघन होने पर जमानतदार के तौर पर मैं जेल जाने को तैयार हूं। जैसे घर में रोटी खाती हूं वैसे ही जेल में भी खाउंगी।

‘पाटीदार नवनिर्माण सेनाÓ नामक संस्था पंजीकृत हुई

सूत्रों की मानें तो हार्दिक ने दिल्ली में पाटीदार नवनिर्माण सेना के नाम से संस्था पंजीकृत करायी है। हार्दिक संस्था के प्रमुख हैं जबकि अखिलेश कटियार इसके महामंत्री बताए जाते हैं। कटियार राष्ट्रीय राजनीति में अपने कद को बढाने वाले महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं। हार्दिक भी राष्ट्रीय राजनीति में जाने को इच्छुक दिखाई दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि हार्दिक 6 महीने गुजरात से बाहर कटियार के साथ ही घूमेंगे। दोनों उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरणों को बिगाडऩे का खेल भी खेल सकते हैं।

आपराधिक प्रवृत्ति से दूर रहने का वायदा

हाईकोर्ट की शर्तो के अनुसार हार्दिक को 6 महीने गुजरात से बाहर रहना होगा। हार्दिक एक ही स्थान पर रह सकेंगे। अन्य आरोपियों की तरह हार्दिक ने भी कोर्ट में आपराधिक प्रवृत्ति से दूर रहने का शपथपत्र पेश किया है। हार्दिक आपराधिक प्रवृत्ति से दूर रहते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

आरक्षण की मांग लोकतांत्रिक ढंग से करेंगे

हार्दिक पटेल गुजरात से बाहर रहकर आरक्षण की मांग लोकतांत्रिक ढंग से करेंगे और समाज में शांति बनाए रखने का पूरा प्रयास करेंगे। किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर कोर्ट जमानत रद्द कर सकती है। इसके अलावा जमानत की शर्तो में सुधार भी हो सकता है।

कोर्ट की शर्तें

रिहाई का अनुचित लाभ न उठाएं।
केस की जांच प्रभावित हो ऐसा कोई कार्य न करें।
जमानत पर रिहा होने के दो दिनों के भीतर स्थानीय कोर्ट में नोटराइज्ड शपथ पत्र पेश करें कि 6 महीने तक गुजरात की सीमा से बाहर रहेंगे।
पासपोर्ट जमा करना होगा।
गुजरात से बाहर रहने वाले जगह का पता दर्ज कराना होगा।
पूर्व मंजूरी के बिना ठहरने की जगह न बदलें।
आरोपी को 6 महीने तक जहां रहना हो वहां की स्थानीय पुलिस को केस के बारे में सूचित करें। आरोपी 6 महीने इस सीमा में रहने वाला है इसकी जानकारी पुलिस को दें।
जेल से रिहा होने के दो दिनों के भीतर आरोपी ठहरने वाली जगह पर पहुंच जाए। आरोपी के ठहरने की व्यवस्था को जांच अधिकारी स्वयं देखें।
आरोपी को जहां रहना हो वहां के स्थानीय पुलिस थाने में हर महीने के पहले सोमवार को हाजिरी देनी होगी।
6 महीना बाद गुजरात में प्रवेश करने पर 6 महीने तक आरोपी को हर महीने के पहले सोमवार को अहमदाबाद और पहले गुरूवार को सूरत पुलिस के समक्ष हाजिर होना होगा।
ट्रायल पूरा होने तक हर सप्ताह में किसी एक दिन पुलिस में हाजिरी देनी होगी।