15 फरवरी को भारत बनेगा ब्रिक्स का अध्यक्ष


नई दिल्ली । ब्रिक्स की अध्यक्षता १५ फरवरी को भारत के पास आ जाएगी। भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स संगठन में बहुआयामी प्रगति की सम्भावना है। वत्र्तमान में इसका अध्यक्ष रूस है। दुनिया के शक्ति समीकरण को लगातार चैलेंज करने वाले ब्रिक्स के औचित्य और क्षमताओं पर कभी सवाल उठाए गए थे। लेकिन इसका मूल्य दुनिया के कई देशों के लिए अमूल्य हो गया। विशेषज्ञ कहते हैं कि आनेवाला समय इसके स्र्विणम भविष्य का संकेत दे रहा है।
भारत के सरकारी विश्लेषण संगठन `सेंटर फार डब्लूटीओ’ स्टडीज के प्रमुख अभीजीत दास कहते हैं कि अगर आगे भी ब्रिक्स के देश तय लक्ष्य पर काम करें तो दुनिया की व्यवस्था बदलने में जरुर कामयाब होंगे।
इस वक्त पूरी दुनिया में आतंकवाद एक अहम मुद्दा है। इसके खात्मे के लिए ब्रिक्स के देश एक-दूसरे को पहले से ही सहयोग करते आ रहे हैं। इसका असर भी हुआ है। रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि आनेवाले समय में यह गठबंधन और शक्ति के साथ आतंकवाद का सिर कुचलेगा।
ब्रिक्स देशों में दुनिया की कुल आबादी के ४२ प्रतिशत लोग बसते हैं जबकि धरती का मात्र २६ फीसदी हिस्सा ही इनके पास है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इन आंकड़ों के मद्देनजर अभी ब्रिक्स देशों को विश्व संतुलन के लिए और प्रयास करना पड़ेगा।