14 करोड़ में जीते नीतीश, 135 करोड़ में हारे मोदी


पटना।  बिहार में नरेंद्र मोदी पर वेंâद्रित भाजपा का १३५ करोड़ रूपये का चुनावी अभियान भी नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने में नाकाम रहा, जबकि नीतीश ने महज १४ करोड़ खर्च कर विजयश्री का वरण कर लिया।
खर्च के विस्तृत आंकड़ों को देखने पर यही लगता है कि जितना पैसा भाजपा ने प्रचार पर खर्च किया उससे करीब दस गुना कम जनता दल यूनाइटेड ने पूरे चुनाव अभियान पर खर्च किया।
चुनाव आयोग को दिए गए खर्च के ब्योरे के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने बिहार चुनाव में १३५ करोड़ खर्च किए वहीं जनता दल यूनाइटेड का बिहार चुनाव में कुल खर्च मात्र १४ करोड़ था। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने १५७ उम्मीदवार मैदान में उतरे थे वहीं जनता दल यूनाइटेड ने १०१ सीटों पर चुनाव लड़ा था। जहां बीजेपी के मात्र ५३ वहीं जनता दल यूनाइटेड के ७१ उम्मीदवार चुनाव जीते।
अगर चुनाव आयोग में दी गई विस्तृत जानकारी को देखें तो बीजेपी ने अपने प्रचार, जिसमें िंप्रट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन पर करीब ४० करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं बैनर और पोस्टर पर इसका खर्च करीब १० करोड़ था। इसकी तुलना में जनता दल यूनाइटेड ने विज्ञापन, पोस्टर , झंडे पर मात्र ९ करोड़ ७० लाख रुपये खर्च किए। हेलीकॉप्टर से प्रचार पर जहां बीजेपी ने ३७ करोड़ का खर्च दिखाया है वहीं जनता दल यूनाइटेड ने हेलीकॉप्टर से प्रचार पर २ करोड़ २८ लाख से कुछ अधिक का खर्च दिखाया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने १५७ उम्मीदवारों को करीब २० लाख प्रति उम्मीदवार के हिसाब से ३१ करोड़ ३० लाख दिए वहीं चुनाव आयोग में दिए गए ब्यौरे के अनुसार जनता दल यूनाइटेड ने मात्र ३० लाख रुपये अपने उम्मीदवारों के बीच वितरित किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनाव के दौरान २३ जनसभाओं पर पार्टी ने अपना खर्च करीब २ करोड़ ९३ लाख दिखाया है। बीजेपी की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी ने ४२ उम्मीदवार खड़े किए थे। उसके आंकड़ों के अनुसार उनका पूरा खर्च मात्र ६१ लाख ९३ हजार हुआ। उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने अपने २३ उम्मीदवारों पर ५२ लाख से कुछ अधिक खर्च किए। फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने अपना खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग को नहीं सौपा है।