12 हमले और करेगा जैश ए मोहम्मद, तैयार कर रहा महिला मानव बम!


नई दिल्ली। पठानकोट में हुआ आतंकवादी हमला शायद १३ हमलों की गहरी साजिश की पहली कड़ी है, अगर जैश ए मोहम्मद के कमांडरों की रिकॉर्ड की गई बातचीत में दम है तो भारत में १३ हमलों की साजिश रची गई है, एक हो चुका है और १२ हमले होने अभी बाकी हैं। और इसीलिए इस साजिश को टेरर-१३ कहा जा रहा है। हैरत की बात ये है कि एक तरफ खुफिया एजेंसियों को ये पता चल रहा है कि जैश और हमले करेगा दूसरी ओर सालों से ठंडी पड़ी यूनाइटेड जेहाद काउंसिल ने पठानकोट हमले की जिम्मेदारी ले ली। ये खेल आईएसआई का लगता है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक टेरर १३ की भनक तब लगी जब हमारी खुफिया एजेंसियों ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दोबारा िंजदा होने की खबर सुनी। जैश वो भयानक संगठन जो संसद पर हमले का गुनहगार है, सालों साल गायब रहने के बाद जैश का लीडर मौलाना मसूद अजहर जैसे कब्र से िंजदा हो उठा था। एजेंसियों ने जैश के चेहरों की फोन की बातें सुननी शुरू कर दीं। अखबार के मुताबिक, मसूद अजहर का सगा भाई मौलाना अब्दुल रऊफ बातचीत में कहता हुआ सुनाई देता है कि जैश-ए-मोहम्मद में नए लड़ाके आए हैं और हम भारत में अफजल गुरू के जेल में बिताए १३ सालों का बदला १३ हमले करके लेंगे। हमें हर तरफ से खासी मदद मिल रही है।
ये बातचीत सुन रही भारतीय खुफिया एजेंसियों १३ सालों का बदला १३ हमले के ऐलान सुन कर चौंक गर्इं। उन्होंने सुरक्षा बलों को अलर्ट भेजा। अफजल गुरू, यानि संसद पर हमले का दोषी, ने जेल में १३ साल काटे थे। हर साल का बदला एक आतंकवादी हमला। गौरतलब है कि १३ हमले का ये प्लान बना वो मौलाना अब्दुल रऊफ बना रहा है जिसने भारत में जम्मू के कोट बलावल जेल में वैâद अपने भाई मौलाना मसूद अजहर को जेल से आजाद करवाने के लिए १९९९ में भारतीय प्लेन आईसी -८१४ को हाईजैक करने का प्लान बनाया था। चौंकाने वाली ये बात भी पता लगी कि जैश औरतों के मानव बमों की यूनिट भी तैयार कर रहा है। साफ था टेरर-१३ की छाया भारत पर पड़ रही थी। अंग्रेजी अखबार का दावा है कि जैश के कमांडरों की बातचीत सुनने से ये साफ हो गया कि आखिर इस विलुप्तप्राय आतंकी ग्रुप को िंजदा करने के पीछे दरअसल कौन कौन है। ये बातचीत जैश और पाकिस्तानी निजाम के रिश्ते को भी बेनकाब कर रही थी। यानि साफ हो रहा था कि शरीफ साहब जितने भी दावे कर लें, मासूमियत ओढ़ लें, उनकी नाक के नीचे आईएसआई जैश को िंजदा करने में पैसा पानी की तरह बहा रही है।
अब तक ये साफ हो चुका था कि भारत पर हमला होगा और उस हमले को जैश की एक कोर टीम देख रही है। उसी वक्त जैश के एक कमांडर की एक और बात ने हमारी खुफिया एजेंसियों को हैरानी में डाल दिया। इसका नाम था शफीक, और ये भी जैश की कोर टीम का हिस्सा था। ये बात कर रहा था ३०० मानव बमों की।
अखबार के मुताबिक, जैश कोर टीम का सदस्य शफीक कहता है कि हमारे पास पाकिस्तान में ३०० मानव बमों की फौज हमलों के लिए तैयार बैठी है। हमने उनसे में कुछ को भारत में दाखिल करवा दिया है, वो बस हमारे इशारे के इंतजार में हैं। हम यहां सिर्पâ बेकार बैठ नहीं सकते। हमें भारत को बांटना है, हमें जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनाना है और अब ये होना ही है। अखबार का दावा है कि लश्कर की कोर टीम में शफीक के अलावा तलहा, ओवैस, और इलयास कासमी नाम के लोग शामिल हैं। ये कोर टीम रिपोर्ट करती है सीधे मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई को। अखबार ने सूत्रों के हवाले से ये भी बताया है कि मसूद अजहर ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर में अपनी पैठ मजबूत कर ली है, उसके कम से कम पांच आतंकवादी पिछले साल भारत में घुसपैठ कर चुके हैं।
जैश के कमांडरों की फोन की बातचीत से पता चलता है कि भारत में घुसने वाले पांच आतंकवादी हैं- हारुन, गजली, सलीम, छोटा बरमी और वलीद। बताया जा रहा है कि पांचों पाकिस्तानी नागरिक हैं। ये भी बताया जा रहा है कि बहावलपुर के उसमान-ओ-अली इलाके में ५ एकड़ में पैâली इमारत में ही जैश ने आतंकवादियों की पैâक्ट्री खोल रखी है। यहीं आतंक का ये मौलाना अपने जेहादियों की टीम को भारत के खिलाफ जंग छेड़ने के लिए भड़काता, उकसाता और तैयार करता है। बहावलपुर की एक इमारत को आईएसआई की हर मुमकिन मदद मिलती है। जैश के सक्रिय होने के पीछे पठानकोट हमले का शक जताया जा रहा था। ये शक उस वक्त और बढ़ गया जब अचानक ही मुत्ताहिदा जेहाद काउंसिल उर्पâ यूनाइटेड जेहाद काउंसिल नाम के संगठन ने सामने आकर पठानकोट हमले की जिम्मेदारी ले ली। मुत्ताहिदा जेहाद काउंसिल का आतंकी शेख जमील-उर-रहमान कहता है कि जब तक िंहदुस्तान के एक भी फौजी कश्मीर में रहेगा, ये हमले जारी रहेंगे, पठानकोट में हुआ, दिल्ली में होगा, आगरा में होगा। यूनाइटेड जेहाद काउंसिल सक्रिय हो उठा है, ये वो काउंसिल है जिसमें कम से १५ जेहादी संगठन हैं और इसकी नींव १९९४ में पड़ी थी। और इसका हेड सैयद सलाउद्दीन है। सवाल ये कि जब भारत को शक है कि पठानकोट हमला जैश ने किया है तो फिर अचानक ये जेहाद काउंसिल कहां से आ गई। कहा जाता है कि ये काउंसिल कश्मीर में सक्रिय गुटों की जमात है, कहीं ऐसा तो नहीं कि काउंसिल को इस हमले का जिम्मेदार बता कर जैश और उसके मुखिया मसूद अजहर को बचाने की जुगत में लगी है। मेजर जनरल(रिटा.) पी.के. सिन्हा का कहना है कि जेहाद काउंसिल जैसा दावा कर रहा है वो सिर्पâ पाकिस्तान और आईएसआई की गुमराह करने का तरीका है। ताकि जब मामला कोर्ट में जाए तो ये जेहाद काउंसिल खुद एक्सेप्ट करेगा और पाकिस्तान और आईएसआई साफ बच जाएंगे।