हेडली ने की थी तीन शादियां, बीवी के कारण हेडली पहुंचा जेल


मुंबई। मायानगरी मुंबई को खून से लाल करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने यूं तो अपनी गवाही में कई सनसनीखेज खुलासा किया है लेकिन उसने अपने निजी जीवन के प्रश्न में भी लोगों को बताया कि उसने तीन शादियां की है और काफी महिलाओं से उसके प्रेम संबंध रहे हैं। हेडली ने कहा कि उसने पहले शाजिया गिलानी से, फिर पोर्टिया पीटर्स से और उसके बाद फैजा औतेल्हा से शादी की। उसकी पहली शादी १९९९ में हुई थी। उसकी तीसरी पत्नी फैजा थी और उसकी तीसरी शादी २००७ में हुई थी। उसकी पत्नी को अब फैजाला क्रिस्टियाना नाम से भी जाना जाता था और वह मोरक्को की थी।
– बीवी के कारण हेडली पहुंचा जेल
हेडली ने कहा कि वो अपनी बीवी के साथ पाकिस्तान में रहता था और अचानक उसके और बीवी के बीच झगड़े शुरू हो गये क्योंकि मैं अपनी बीवी को उसके मुंहमांगे पैसे नहीं दे पाता था जिस पर फैजा को शक हुआ कि मेरा रिश्ता लश्कर के करीबी से है और इसी कारण उसने मेरी शिकायत पुलिस से कर दी जिसके कारण आज मैं जेल में हूं।

२६/११ हमले में रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक थे निशाने पर- हेडली
मुंबई। २६/११ मुंबई हमलों के वादामाफ गवाह डेविड कोलमैन हेडली की अमेरिका के शिकागो की जेल से वीडियो कॉन्प्रेंâसिंग के जरिए चल रही गवाही में मंगलवार को भी हेडली ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। सिलसिलेवार हेडली ने वो जानकारियां दी जिससे ये साफ होता है कि पाकिस्तान भारत में दहशतगर्दों के नापाक गठबंधन में शामिल था। मुंबई की माकोका कोर्ट में अपनी गवाही दे रहे डेविड हेडली ने कई अहम खुलासे करते हुए कोर्ट को बताया कि २६/११ का हमला होटल ताज पर करने का मुख्य कारण था वहां चल रही भारत के रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिकों की बैठक। वहीं उसने यह भी बताया कि वो कंधार हाईजैक के बाद रिहा हुए मौलाना मसूद अजहर से भी मिल चुका है जो उस समय पाकिस्तान में ही था। इसके अलावा वो जकी-उर-रहमान लखवी से भी उसी समय मिला था। हेडली ने बताया कि पाक के तीन आतंकी संगठन भारत के खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं। इससे पहले सोमवार को हुई गवाही में हेडली ने ऐसे कई खुलासे किए जिससे हमले के पीछे पाक की भूमिका और पक्की हो गई। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के सवालों का जवाब दे रहे हेडली ने हमले के पीछे लश्कर- ए-तैयबा, पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी फौज का हाथ बताया। हेडली ने बताया कि २६/११ से पहले दो बार मुंबई पर हमले की कोशिश हुई थी, लेकिन दोनों ही बार कोशिशें नाकाम रही। हेडली ने पाक खुफिया एजेंसी के तीन अधिकारियों से मिलने और मुंबई हमले में उनका हाथ होने की बात भी कबूली। हेडली ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को अपना हीरो बताते हुए कहा कि हाफिज के कहने पर ही २६/११ हमला हुआ। बता दें कि हेडली इस समय अमेरिका के शिकागो जेल में ३५ साल की सजा काट रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका हेडली के बयान को संज्ञान में लेकर हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। क्योंकि भारत भी अमेरिका से हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह सकता है। अमेरिका ने सईद के सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। मुंबई हमले में मारे गए १६६ लोगों में चार अमेरिकी नागरिक शामिल थे।
हेडली ने कोर्ट को क्या सब बताया-
– हेडली ने बताया कि भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों की एक बैठक होने वाली थी और उसी बैठक को निशाना बनाकर हमला किया जाना था।
– लश्कर का पहले प्लान यह था लेकिन बाद में प्लान रद्द कर दिया गया।
– २००७ में ही बन गया २००८ हमलों का प्लान
– ट्रेनिंग कैंप में हाफिज सईद और लखवी से बात की।
– दोनों को कहा, अमेरिकी सरकार के लश्कर को प्रतिबंधित करतने के फैसले को कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए।
– लांडीकोठल में जिस अब्दुल रहमान पाशा से मिला वो आर्मी का रिटायर्ड मेजर था। वह छह बलूच में तैनात था।
– रिटायरमेंट के बाद पाशा लश्कर में आया और बाद में अलकायदा में शामिल हो गया।
– आईएसआई से संबंधों पर हेडली ने बताया
– मेजर इकबाल से लाहौह के घर में मिला, वहां सेना का लेफ्टिनेंट कर्नल भी मौजदू था।
– मेजर इकबाल ने उससे फोन पर संपर्क किया, वो नंबर मेजर अली ने दिया था।
– मेजर इकबाल ने उससे कहा कि वो मिलिट्री इंटेलिजेंस जुटाने में मददगार हो सकता है।
– हेडली को भारतीय सेना में जासूस बनाने के लिए कहा गया
– मेजर इकबाल ने उससे उसके पासपोर्ट और वीजा के बारे में भी पूछा।
बहरहाल अदालत के सामने हेडली के कबूलनामे ने ये साफ कर दिया है कि हाफिज सईद मुंबई आतंकी हमले में शामिल था और मुंबई हमलों को अंजाम देने के लिए पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर के बीत साठगांठ था। जिसे पाकिस्तान ने भी अपना समर्थन दे रखा था।