हेडली द्वारा बेनकाब पाक को आतंकवाद पर घेरने की तैयारी में भारत


०अलगाववादियों से भेंट कर पठानकोट व मुंबई हमले से ध्यान हटा रहा पाकिस्तान
नईदिल्ली। मुंबई हमला मामले में आतंकी डेविड हेडली ने वीडियो कांप्रेंâसिंग के माध्यम से अदालत में बयान दर्ज कराने से घिरे पाकिस्तान से भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर देशों का साथ मिलने की उम्मीद बढ़ी है। चूंकि हेडली ने अमेरिका की जेल से वीडियो कांप्रेंâिंसग के जरिए मुंबई हमला मामले में पाकिस्तान के शामिल होने के भारत के आरोपों की पुाqष्ट की है, इसलिए वूâटनीतिक रणनीतिकारों को लगता है कि इस बार पाकिस्तान पर इस हमले में शामिल आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का चौतरफा वैश्विक दबाव पड़ेगा। इस बीच मंगलवार को पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित की कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात भारत को नागवार तो गुजरी है, मगर वह इसे फिलहाल तूल देने के मूड में नहीं है। भारत का सारा ध्यान पठानकोट और मुंबई आतंकी हमला मामले में वूâटनीतिक पहल के जरिए पाकिस्तान की पेंच कसने की है। भारत को लगता है कि आतंकवाद पर बुरी तरह घिरा पाकिस्तान गिलानी से मुलाकात कर नया विवाद खड़ा करने की कोशिश में है। जिससे दुनिया का ध्यान पठानकोट और मुंबई हमला मामले से हट जाए।
वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता की तारीख तय करने की दिशा में लगातार हो रही बातचीत के बीच बासित और गिलानी की मुलाकात संभवत: भारत को भड़काने की कोशिश है। हालांकि भारत का ध्यान फिलहाल इस मुलाकात के इतर हेडली की स्वीकारोक्ति और पठानकोट हमला मामले में वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को घेरने और उस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने पर है।
वूâटनीतिक रणनीतिकार मुंबई की विशेष अदालत में जारी हेडली के बयान पर न केवल बारिकी से निगाह रख रहे हैं, बाqल्क इन बयानों के जरिए पाकिस्तान को घेरने की मजबूत रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। सरकारी सूत्र के मुताबिक पेरिस पर आतंकी हमले के बाद दुनिया के ताकतवर देशों में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का भाव जागा था। पेरिस के बाद पठानकोट हमले के बाद ताकतवर देशों ने पाकिस्तान पर पहली बार कार्रवाई के लिए एकजुट दबाव डाला। ऐसे में हेडली की स्वीकारोक्ति के बाद पाकिस्तान वूâटनीतिक मोर्चे पर बैकपुâट पर है। हेडली की गवाही प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत मुंबई हमला मामले में न केवल पाकिस्तान पर सीधा वूâटनीतिक हमला बोलेगा, बाqल्क दुनिया के देशों में उसे अलग-थलग करने की मुहिम भी छेड़ेगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता की नई तारीख फिलहाल तय होना मुाqश्कल है।

हेडली के मुताबिक इशरत थी फिदायिन
मुंबई। वीडियो कांप्रेंâसिंग के जरिए पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने आज मुंबई अदालत में तीसरे दिन अपनी गवाही में खुलासा किया कि इशरत जहां एक फिदायिन हमलावर थी। गौरतलब है कि इशरत गुजरात में एक मुठभेड़ में मारी गयी थी और विपक्ष की ओर से गुजरात की तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार पर यह आरोप लगाया था कि इशरत को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है। इसके साथ ही हेडली ने अदालत को बताया कि उसे सितंबर २००६ में भारत आने से पहले मेजर इकबाल ने २५,००० डॉलर दिए थे। हेडली ने कहा कि तहव्वुर राणा लश्कर के साथ उसके संबंध और इस बारे में जानता था कि वह आतंकवादी संगठन के निर्देशों पर खुफिया काम के लिए भारत जा रहा है। हेडली ने अदालत से कहा कि राणा २६:११ हमलों से ठीक पहले मुंबई आया था और उसने हेडली को भारत छोड़ने की सलाह दी थी। इस प्रकार हेडली ने नए-नए खुलासे कर सभी को चौंका दिया है।