हिमस्खलन में शहीद 10 जवान, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि


नईदिल्ली। सियाचिन ग्लेशियर ाqस्थत एक सैन्य चौकी के हिमस्खलन की चपेट से बुधवार को दबे एक जेसीओ सहित १० सैनिकों के शहीद होने की पुाqष्ट हो गयी है। लददाख क्षेत्र में उत्तरी ग्लेशियर सेक्टर में १९,००० पुâट पर ाqस्थत एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गयी थी। हिमस्खलन में एक जेसीओ और नौ जवान पंâस गये थे। ये जवान चौकी पर तैनात मद्रास बटालियन से हैं। आधुनिक उपकरणों के साथ विशेषज्ञों के दल गुरूवार सुबह लेह ले जाया गया लेकिन, खोजी कुत्तों और इन विशेषज्ञों की मदद के बावजूद सैनिकों को बचाया नहीं जा सका। उत्तरी कमान के सैन्य कमांडर लोqफ्टनेंट जनरल डी एस हुडडा ने एक संदेश में कहा, यह दुखद हादसा है और हम उन सैनिकों को सलाम करते हैं जिन्होंने सभी चुनौतियों को झेलते हुए हमारी सीमाओं की रक्षा की और डयूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। उत्तरी कमान के रक्षा जनसंपर्वâ अधिकारी कर्नल एस डी गोस्वामी ने जम्मू में पहले दिए गए एक बयान में कहा था, बचाव दल बहुत खराब मौसम और प्रतिवूâल वातावरण का सामना कर हादसे में जीवित बचे लोगों का पता लगाने और उन्हें बचाने में जुटा हुआ है। हालांकि, हमें बड़े दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि अब किसी के जीवित मिलने की संभावना बहुत क्षीण है। ग्लेशियर पर तापमान रात को शून्य से नीचे ४२ डिग्री सोqल्सयस से लेकर दिन में शून्य से नीचे २५ डिग्री सोqल्सयस तक होता है। बर्पâ हटाने के लिए भारी मशीनें, विशेष उपकरण आदि लगाए गए थे। वहीं सेना और वायुसेना के जवानों ने खराब मौसम के बावजूद लापता सैनिकों की खोज में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी मदद की पेशकश की लेकिन उससे इनकार कर दिया गया। सेना के सूत्रों ने दिल्ली में बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल आमिर रियाज ने अपने भारतीय समकक्ष सैन्य अभियान महानिदेशक लोqफ्टनेंट जनरल रणबीर िंसह को फोन करके मदद की पेशकश की थी। हालांकि लोqफ्टनेंट जनरल िंसह ने भारतीय सैनिकों को बचाने में अपने पाकिस्तानी समकक्ष की ओर से की गयी मदद की पेशकश को स्वीकार करने से मना करते हुए कहा कि सभी जरूरी संसाधान पहले से ही काम कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि सीमा के पास कोई भी हादसा होने के बाद ऐसे फोन आना सामान्य बात है। उनके मारे जाने की आशंका की पुाqष्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा,कि सियाचिन में सैनिकों का मारा जाना दुखद है। मैं उन वीर सैनिकों को सलाम करता हूं जिन्होंने देश के लिए प्राण दिए।