हिमस्खलनग्रस्त 10 में से 1 जवान मिला जीवित


– हफ्ते भर पहले दबे लांस नायक हनुमन थप्पा कोपड बचाव अभियान में सुरक्षित
नईदिल्ली। लद्दाख के सियाचिन में एक सप्ताह पूर्व हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के १० जवानों में से एक एक चमत्कारिक रूप से जीवित मिला है। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर ले. जनरल डी एस हुड्डा के अनुसार सोमवार रात बचाव अभियान के दौरान लांस नायक हनुमन थप्पा कोपड जीवित पाए गए। वे पिछले छह दिनों से बर्पâ के नीचे दबे हुये थे। उनकी हालत गंभीर है और उन्हें सेना के आर आर अस्पताल में लाया जा रहा है। हिमस्खलन की चपेट में आये अन्य नौ जवानों में से और कोई जीवित नहीं मिला है। इन जवानों की चौकी लगभग एक सप्ताह पहले भारी हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद बर्पâ में लगभग २५ पुâट से भी नीचे दब गयी थी। जिन्हें बचाने के लिए पहले दिन से ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा था। इसके लिए सेना ने बर्पâ काटने वाली भारी मशीनों और अत्याधिक उपकरणों की सहायता ली। इस घटना के तीन-चार दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन सभी १० जवानों की शाहदत की जानकारी देते हुए शोक संदेश ट््वीट किया था। रक्षा मंत्री मनोहर र्पिरकर और सेना की तरफ से भी इनके शहीद होने की बात कही गयी थी। लेकिन सेना ने अपना अभियान बंद नहीं किया था और दिन-रात चले इस अभियान में अंतत: उस समय सफलता हाथ लगी जब देर रात लांसनायक कोपड जीवित पाये गये। सेना ने यह बचाव अभियान शून्य से २५ डिग्री सोqल्सयस नीचे तापमान में प्रतिवूâल परिाqस्थतियों में चलाया।