हिन्दू समाज को खतरा तो देश को खतरा : भागवत


– संघ प्रमुख फिर छेड़ा का धर्मांतरण का मुद्दा
अहमदाबाद। अहमदाबाद में आरएसएस िंचतन शिविर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक बार फिर िंहदुत्व पर जोर देते हुए देश सेवा का संकल्प दोहराया। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारत दुनिया को सीख देता रहा है। भागवत ने कहा कि यह िंहदू देश है अगर िंहदू समाज पर खतरा आता है तो देश भी खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि आज मानव समाज के बाद समक्ष जो समस्याएं हैं, वे इसलिए हैं, क्योंकि धर्म को नजरअंदाज किया गया।
भागवत ने संघ की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई संघ के बारे में वाकई जानना चाहता है तो उसे संघ को करीब से देखना चाहिए, उसे पता होना चाहिए संघ की कार्यशैली क्या है और वह वैâसे काम करता है। धर्मांतरण का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि धर्म परिवर्तन से अगर सबसे ज्यादा किसी को नुकसान हुआ है तो वह है िंहदू धर्म। ‘घर वापसी’ को समझाते हुए भागवत ने कहा कि हमारे भाई-बहन जो जंगल में खो गए थे, वे वापस आ रहे हैं, यही घर वापसी है।
उन्होंने गो रक्षा और कॉमन सिविल कोड को समय की आवश्यक बताया। भागवत ने कहा कि भारत दुनिया को सीख देता रहा है। भारत दुनिया का बड़ा भाई है। देश को रूढ़ियों से मुक्त करना है। सबको देश को अपना समझना होगउन्होंने कहा कि आरएसएस संस्कार देने वाला संगठन है। कार्यकर्ता िंहदू समाज को संगठित करें। मतभेदों को दूर कर देश सेवा करें। यह देश परंपरा से िंहदू राष्ट्र है। देश के भले बुरे का जिम्मेदार िंहदू है।