हिट एंड रन केस : कोर्ट के सामने सलमान ने अपना पक्ष रखा, कहा- गाड़ी मैं नहीं चला रहा था


मुंबई। फिल्म अभिनेता सलमान खान वर्ष २००२ के हिट एंड रन मामले में शुक्रवार को पहली बार कठघरे में खड़े हुए। पेशी के दौरान सलमान अपने बचाव में दलील देने के साथ ही उन हालातों को बयां किया जिसमें दुर्घटना हुई थी। सलमान खान अपनी बहनों के साथ कोेर्ट पहुंचे। सलमान ने जज के सामने कहा कि वारदात की रात वो गाड़ी नहीं चला रहे थे। गाड़ीr उनका ड्राइवर अशोक चला रहा था। उन्होंने इस बात का भी दावा किया कि उस रात उनके ड्राइवर ने शराब नहीं पी थी। सलमान खान ने बताया कि उस रात गाड़ी में तीन नहीं चार लोग थे। उन्होंने कहा कि गाड़ीr ड्राइवर चला रहा था और वो ड्राइवर की साथ की सीट पर बैठे थे। उसके पीछे गायक कमाल खान और पुलिस कांस्टेबल रविन्द्र पाटिल बैठे थे। सलमान ने कोर्ट को बताया, `एक्सीडेंट के बाद लेफ्ट साइड का दरवाजा, जहां मैं बैठा था, जाम हो गया था और खुल नहीं पा रहा था। इसलिए मैं ड्राइवर सीट की तरफ वाले दरवाजे से उतरा। सलमान ने कहा कि वो मौका-ए-वारदात से भागे नहीं थे। वारदात के बाद करीब १५ मिनट से ज्यादा वहीं रुके थे। आपको बता दें कि सलमान पर आरोप है कि उन्होंने २००२ में अपनी कार मुंबई के उपनगर बांद्रा में एक बेकरी से टकरा दी थी, जिसमें पूâटपाथ पर सो रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। यह घटना २८ सिंतबर २००२ को हुई थी। शुक्रवार को सलमान खान को कोर्ट में अपना पक्ष रखने का मौका मिला। एक मजिस्ट्रेट द्वारा इस मामले में गैर इरादतन हत्या का आरोप जोड़े जाने के बाद सत्र अदालत में नए सिरे से सुनवाई हो रही है। इस आरोप के तहत १० वर्ष तक सजा हो सकती है। इस केस में आरटीओ और आबकारी विभाग ने अपने जवाब में कहा कि सलमान खान ने अपने घर के बाहर शराब पी थी और उसके बाद एसयूवी कार चलाई थी, जबकि उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस था ही नहीं।
– जज ने कहा, हिट एंड रन केस की सुनवाई पूरी ना होने तक मीडिया न करे रिर्पोटिंग
– इस बीच सलमान खान के वकील ने कोर्ट में अर्जी दी, मीडिया को कोर्ट रूम से बाहर रखने की मांग की गई। जज देशपांडे ने मीडिया से कहा कि मीडिया केस पर अपने विचार ना रखे। मीडिया सिर्फ खबर दे। जज ने कहा, हिट एंड रन केस की सुनवाई पूरी ना होने तक मीडिया रिर्पोटिंग न करे। जोधपुर में चिंकारा शिकार मामले में रोजाना कार्रवाई होने की वजह से सलमान ने ३ हफ्ते की मोहलत मांगी थी। सरकारी वकील के एतराज पर यह अपील रद्द कर दी गई।