हमेशा दोस्ती की आड़ में पाकिस्तान ने घोंपा है छूरा


नई दिल्ली । अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाक यात्रा कर पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। लेकिन भारत ने जब-जब पाकिस्तान से वार्ता की शुरुआत की तब-तब उसको बाधित करने के लिए पाक के बेलगाम आतंकियों ने इसको पटरी से उतारने का काम किया है। फिर चाहे वह कारगिल युद्ध के रूप में हमें देखने को मिला हो या फिर सीमा पर भारतीय जवानों के सिर काटने का काम हुआ हो, या फिर दूसरे हमले। इन सभी का मकसद दोनों देशों के बीच संबंधों को न सुधारा जाना ही रहा है। इतिहास के पन्ने गवाह है कि जब-जब भारत ने पाक की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया तब-तब इस तरह की घटनाओं में तेजी आई है। याद दिला दें कि हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान गए थे। उनके पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी पाक गई थीं। इससे भी पहले दोनों देशों के राष्ट्रीय सलाहकारों (एनएसए) की िंसगापुर में वार्ता हुई थी। इसके ही बाद दोनों देशों के बीच वार्ताओं का दौर चला। वहीं शिवसेना ने पीएम मोदी की पाक यात्रा के तुरंत बाद इस बात की चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान से भारत को हमेशा से ही धोखा मिला है। अपने मुखपत्र सामना में उसने अटल बिहारी वाजपेयी की लाहौर यात्रा का भी जिक्र किया था। साथ ही चेतावनी भी दी थी कि पाकिस्तान की यात्रा के बाद और दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ता के बाद भी भारत को सतर्वâ रहने की जरूरत है।
कारगिल युद्ध
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी १९९९ में जब शांति वार्ता का प्रस्ताव लेकर बस से पाकिस्तान की यात्रा पर गए तो उसके कुछ समय बाद ही पाकिस्तान ने भारत की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया। इसका ही नतीजा था कारगिल युद्ध। तीन माह चले इस युद्ध में भारत के कई युवा जवानों को वीरगति प्राप्त हुई। इस युद्ध के जनक पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ थे, जो आज भी इस युद्ध का जिक्र करते हुए अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। इस युद्ध में पाकिस्तान को हमेशा की तरह मुंह की खानी पड़ी थी और पाक सेना और उसके सर्मिथत आतंकियों को मैदान छोड़कर भागना पड़ा था।
भारतीय जवानों के सिर काटने की घटना
वर्ष २०१३ में भी एलओसी से सटे पुंछ सेक्टर में ८ जनवरी को दो भारतीय जवानों हेमराज और सुधाकर की हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तानी रेजरों के साथ कुछ आतंकवादी सीमा के इस पार आए और हेमराज और सुधाकर का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे। यूपी के मथुरा के रहने वाले ३८ वर्षीय हेमराज आर्मी की राजपूताना राइफल्स में बतौर लांस नायक तैनात थे। वहीं, सुधाकर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। इस घटना ने भी दोनों देशों के बीच वार्ता को पटरी से उतार दिया
गुरदासपुर आतंकी हमला
पंजाब के गुरदासपुर में ११ जुलाई को आतंकवादी हमला हुआ जिसके दौरान आतंकवादियों ने दीनानगर पुलिस थाने पर कब्जा कर लिया। भारत के मुताबिक उनसे बरामद हथियारों और जीपीएस से पता चला ये तीनों आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे। हालांकि पाकिस्तान ने फौरन इन आरोपों का खंडन कर दिया। इसके कुछ समय के बाद जम्मू-कश्मीर में ५ अगस्त को दो आतंकवादियों ने हमला किया और दो नागरिकों को बंधक बना लिया। बाद में उनमें से एक आतंकवादी पकड़ा गया और दूसरा मार गिराया गया। इस आतंकी ने कबूल किया कि वह पाकिस्तान का रहने वाला है और यहां `िंहदुओं को मारने’ आया है। पाकिस्तान ने इसे भी अपना नागरिक मानने से इंकार कर दिया।
ऋषि/ईएमएस ०३ जनवरी २०१६