हनमंथप्पा ने चुनौती भरे क्षेत्रों में की सेवा: अधिकारी


नई दिल्ली। सियाचिन ग्लेशियर पर टनों बर्फ में छह दिन तक दबे रहने के बाद जीवित निकाले गए सैन्यकर्मी हनमंथप्पा कोप्पाड एक उच्च प्रेरित सैनिक हैं। हनमंथप्पा ने सेना में अपने १३ साल के अब तक के कार्यकाल में उन्होंने ज्यादातर सेवा कठिन और चुनौती भरे क्षेत्रों में की है। हनमंथप्पा को उच्च प्रेरित और शारीरिक रूप से फिट ३३ साल का सैनिक करार देते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोप्पाड ने एक महत्वपूर्ण जिजीविषा दिखाई है। वह २५ अक्टूबर २००२ को मद्रास रेजीमेंट की १९वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। अधिकारी ने लांस नायक कोप्पाड के बारे में कहा कि उन्होंने अब तक के अपने १३ साल के कार्यकाल में से १० साल तक कठिन और चुनौती भरे क्षेत्रों में सेवा की है। कोप्पाड को सोमवार को १५० से अधिक सैनिकों और दो खोजी कुत्तों की टीम ने २,५०० फुट की उंचाई से बचाया था। बर्फ में छह दिन तक दबे रहने के बाद वह जीवित निकले।