सोशल मीडिया में नरेन्द्र मोदी के छह हजार से अधिक ट्वीट


वॉिंशगटन। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूं ही सोशल मीडिया के लिए सुर्खियों में नहीं बने हैं। उन्हें यह शोहरत उनके छह हजार से अधिक ट्वीट के कारण मिली है। यह संख्या पांच साल के भीतर की है। यानि करीब १९०० दिनों में मोदी के यह ट्वीट हुए है। यह जानकारी एक अध्ययन रिपोर्ट के बाद सामने आई है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक प्रभावशाली ऑनलाइन ब्रांड बनने में और प्रौद्योगिकी की समझ रखने वाले नेता के तौर पर उभरने में मदद की। एक नवीनतम अध्ययन में यूनिर्विसटी ऑफ मिशिगन के स्वूâल ऑफ इन्फॉर्मेशन में सहायक प्राध्यापक जयजीत पाल ने कहा है कि मोदी की सोशल मीडिया छवि इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गयी क्योंकि उन्होंने परंपरागत मीडिया को एक तरह से छोड़ दिया। जयजीत ने पांच साल की अवधि में किए गए मोदी के ६,००० से अधिक ट्वीट का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा `ाqट्वटर पर संदेशों की विचारपूर्ण संरचना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक प्रभावशाली ऑनलाइन ब्रांड बनने में, उन्हें उनके समस्या खड़ी करने वाले अतीत से बाहर आने में और प्रौद्योगिकी की समझ रखने वाले ऐसे नेता के तौर पर उभरने में मदद की जो अपने मतदाताओं से सीधे बात करता है।’ जयजीत ने कहा कि मोदी भारत के अब तक के ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में उभरे जो सर्वाधिक परस्पर संवादात्मक है। उन्होंने कहा `आप चाहे एक नागरिक हों, अखबार के संवाददाता हों या फिर टेलीविजन चैनल के संवाददाता हों… अगर आप मोदी को सुनना चाहते हैं तो कृपया सोशल मीडिया फीड पर जाएं.’ जयजीत का अध्ययन “इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ में प्रकाशित हुआ है। उन्होंने कहा “प्रधानमंत्री की राय के लिए सोशल मीडिया फीड प्रमुख स्रोत बन गया है।’ जयजीत ने कहा कि भारत के नेता के तौर पर उनका लहजा बदल कर एक भद्र शासक वााला हो गया है जो अधिक सराहनीय है और उनके शब्द प्रेरणादायी होते हैं। ाqट्वटर पर इसके जवाब को भारत के गर्वगान के तौर पर देखा गया।
इस शोध में पिछले चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रचार में आए मूलभूत बदलाव का भी जिक्र है। मोदी इस प्रचार के वेंâद्र बिन्दु थे। जयजीत ने कहा `परंपरागत रूप से भाजपा का एक मजबूत पार्टी दर्शन रहा है और नेता हमेशा दूसरे स्थान पर रहा चाहे वह कितना भी मजबूत क्यों न हो। इन चुनावों में सोशल मीडिया की पूरी बहस ही मोदी के बारे में थी, न कि पार्टी के बारे में।’ उन्होंने कहा कि इसका एक बेहतर उदाहरण `सेल्फी विद मोदी’ अभियान है। लोगों ने मतदान वेंâद्रों पर अपनी उंगली पर लगायी गयी मतदान की स्याही का निशान दिखाते हुए मोदी के कटआउट्स के साथ सेल्फी ली और हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए इन तस्वीरों को पोस्ट किया। जयजीत के अनुसार, हैशटैग का उपयोग करने के इस नए तरीके से फालोवरों को नेता की पहल में सीधे योगदान और भागीदारी करने का अहसास हुआ और यह एक राजनीतिक नेता द्वारा ाqट्वटर का अनूठा उपयोग था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर एट नरेंद्र मोदी हैंडल पर पोस्ट किए गए हर ट्वीट पर रीट्वीट होता है और कम से कम १००० बार इसे पसंद किया जाता है। जयजीत ने कहा कि भारत अमेरिका की तरह नहीं है जहां सरकार के प्रमुख के संवाददाता सम्मेलन में नियमित नजर आने की उम्मीद हो। उन्होंने कहा कि संदेश देने के लिए अपने खुद के सोशल मीडिया का उपयोग कर मोदी सकारात्मक तथा गैर विवादित ट्वीट करते हैं और अपने संदेश को नियंत्रित कर लेते हैं।