सोनिया की चिट्ठी का गडकरी ने दिया जवाब, भूमि बिल पर राजनीति न हो, खुली बहस को तैयार


नई दिल्ली। वेंâद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पत्र का सोमवार को जबाव दिया। गडकरी ने पत्र में भूमि विधेयक पर राजनीति न करने को कहा है। गडकरी ने आरोप लगाया कि यूपीए का लैंड बिल किसान और विकास विरोधी था जिसमें सुझाव के लिए कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ही कहा था। गडकरी ने ये चिट्ठी सोनिया गांधी की उन्हें लिखी चिट्ठी के जवाब में लिखी है।
गडकरी ने लिखा कि लैंड बिल पर राजनीति नहीं बाqल्क देश हित की बात होनी चाहिए। यूपीए के ़कानून लागू करने के बाद से एक एकड़ ़जमीन का अधिग्रहण भी नहीं हुआ। महाराष्ट्र के कांग्रेस मुख्यमंत्री ने ही यूपीए के ़कानून को जटिल और वेंâद्रीयकृत बताया था। आपकी सरकार ने कोयला खदानों को कौड़ी के भाव निजी वंâपनियों को दिया जिससे एक लाख ७६ ह़जार करोड़ का नु़कसान हुआ।
उन्होंने आगे लिखा कि यूपीए की दस साल की नीतियों से युवाओं में बेरो़जगार बढ़ा क्योंकि सरकार ने िंसचाई, सड़क जैसी परियोजनाओं पर ़खर्च होने वाला पैसा वोट लुभाने के लिए ़खर्च किया। लोकतंत्र का त़का़जा है कि बहस होनी चाहिए। मेरी अपील है कि आप खुली बहस करें।
गौरतलब है कि २७ मार्च को मोदी सरकार के विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक पर बातचीत की पेशकश को ठुकराते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि किसान विरोधी कानून थोप देने के बाद बहस की बातें करना सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सर्वानुमति बनाने की परंपरा का उपहास करने जैसा है। उन्होंने इस विधेयक को देश की रीढ़ तोड़ने वाला बताते हुए कहा था कि वह कभी इसका समर्थन नहीं कर सकतीं।