सैनिकों जैसी वर्दी पहनने पर नागरिकों पर होगी कार्यवाही


० अनधिकृत लोगों को सेना की वर्दी का क्रय-विक्रय गैरकानूनी
चंडीगढ़ । पठानकोट हमले में आतंकियो द्वारा सेना की वर्दी के दुरूपयोग के बाद सैन्य अधिकारी ने नागरिकों से सेना की वर्दी से मिलते-जुलते कपड़े नही पहनने की अपील की है। सेना ने दुकानदारों से भी अपील की है कि वे नागरिकों को इस तरह के कपड़े ना बेचें। इस आधिकारिक अपील में कहा गया है कि सेना की वर्दी से मिलते-जुलते कपड़े बेचना और खरीदना कानून अपराध है। अधिकारी ने आगे कहा कि जो व्यापारी और दुकानदार सेना की वर्दी बेचने में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें स्थानीय सैन्य प्रशासन व अधिकारियों से संपर्वâ कर सेना की दुकानों व मान्यता प्राप्त जगहों में इन र्विदयों को बेचने की अनुमति मांगनी चाहिए। अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें सेना की वर्दी बेचनी चाहिए। अनधिकृत लोगों को सेना की वर्दी बेचना गैरकानूनी है। सेना की वर्दी से लोगों को गलतफहमी हो सकती है और आतंकी-अपराधी इसका बेजा फायदा उठाकर देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सेना ने सुरक्षाबलों और पूर्व सैन्यर्किमयों के परिवारों व रिश्तेदारों से भी अपील की है कि वे सेना की वर्दी या फिर इससे जुड़ा कोई भी सामान इस्तेमाल में ना लाएं। सेना ने पुलिस और प्रशासन से भी अपील की है कि वे इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। सेना के प्रवक्ता ने कहा, कि हम देश के युवाओं से अपील करते हैं कि वे सोशल मीडिया के द्वारा इस विषय में अधिक-से-अधिक लोगों को जागरूक करें। युवा मिलकर सेना की वर्दी-उपकरण के गलत और बेजा इस्तेमाल के खिलाफ एक जन अभियान शुरू करें। सेना ने आम जनता से आतंक के खिलाफ मोर्चे में सेना व सुरक्षाबलों का साथ देने की अपील की। सेना ने आम जनता से चौंकन्ना रहकर सेना व सुरक्षाबलों की मदद करने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के खिलाफ तत्काल जानकारी देने की भी अपील की।