सुजाता ने तोड़ी चुप्पी बताई विदाई की वजह  


नई दिल्ली । विदेश सचिव पद से हटाई गईं सुजाता सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने सरकार से समय से पूर्व रिटायरमेंट का अनुरोध किया था। सरकार ने सुजाता सिंह को उनका कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले ही बुधवार देर रात विदेश सचिव पद से हटा दिया था।
एक आदेश में सरकार ने कहा था कि उनके कार्यकाल की अवधि कम कर उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है और उनके स्थान पर अमेरिका में राजदूत एस जयंशकर को विदेश सचिव बनाया गया है। दूसरी ओर सुजाता सिंह ने विदेश सेवा के अपने सहयोगियों को बुधवार को ही ई मेल से भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने सरकारी सेवा से समय से पहले ही सेवानिवृति का अनुरोध किया है। अपने ई मेल में उन्होंने ऐसा कोई उल्लेख नहीं किया है जिससे यह लगे कि उन्हें हटाया जा रहा है। सुजाता सिंह ने विदेश सेवा की सराहना भी की है। उन्होंने कहा है कि विदेश सचिव भारत की विदेश नीति के हितों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यक्ति विशेष संस्थाओं को बनाने में भले ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और निभा सकते हैं लेकिन कोई भी व्यक्ति संस्था से बड़ा नहीं होता। सुजाता सिंह ३८ साल तक भारतीय विदेश सेवा में रही हैं और १८ माह वह विदेश सचिव रहीं।