सीनियर सिटीजन कोटे का दुरुपयोग रोकने रेलवे का नया नियम


एक फरवरी २०१६ से लागू होगा नया नियम
नई दिल्ली । सीनीयिर सिटीजन कोटे का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ रेलवे कठोर कदम उठाएगा। नया नियम १ फरवरी २०१६ से लागू होगा। रेल यात्रा रियायत की वर्तमान नीति के अनुसार ६० वर्ष और उसके ऊपर की आयु के वरिष्ठ पुरूष नागरिकों और ५८ वर्ष और उसके ऊपर के आयु की वरिष्ठ महिला नागरिकों को सभी श्रेणियों में क्रमश: ४० प्रतिशत और ५० प्रतिशत रियायत दी जाती है। टिकट खरीदते समय आयु के प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, हालांकि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किए गए निर्धारित कागजात सबूत के रूप में अपने पास रखना जरूरी है, जिनमें उनकी आयु या जन्म तिथि के बारे में जानकारी हो। यात्रा के दौरान अगर वरिष्ठ नागरिक आयु से संबंधित आवश्यक सबूत नहीं दे पाता है तो उससे किराए में अंतर (पूरे किराए और रियायती किराए के बीच का अंतर) का शुल्क लिया जाता है।
अभी यात्री गलत आयु बताकर वरिष्ठ नागरिक आरक्षण के तहत टिकट बुक करते हैं। पकड़े जाने पर वे पूरे किराए और रियायती किराए के बीच का अंतर शुल्क भरते हैं और न पकड़े जाने पर वे ऐसे ही यात्रा करते हैं, जिसके कारण रेलवे को राजस्व की हानि झेलनी पड़ती है। वरिष्ठ नागरिक आरक्षण के अंतर्गत कुछ यात्री कन्फर्म नीचे की बर्थ बुक कर लेते हैं और पकड़े जाने पर वे केवल किराए का अंतर भरकर अनाधिकृत रूप से वरिष्ठ नागरिकों की `रियायत/आरक्षण’ का लाभ उठा लेते हैं। कुछ एजेंट यात्रियों को धोखा देने के लिए इस विधि का उपयोग करते हैं। वे गलत आयु बताकर टिकट बुक करते हैं और उसके बाद सही आयु बताकर ई-टिकट में सुधार करवा लेते हैं।
सीआईआरएस/आईआरसीटीसी द्वारा जिस आरक्षण के तहत टिकट बुक किया गया उसका पूरा नाम, यात्री की आयु जैसी संबंधित जानकारियों को प्रर्दिशत करने की व्यवहार्यता भी तलाशी जा रही है ताकि बेईमान टिकट एजेंट यात्रियों को धोखा न दे सके। सीआईआरएस/आईआरसीटीसी प्रावधान करेगा कि जब भी यात्री पीएनआर ाqस्थति के बारे में जानकारी लें उसी समय टिकट का किराया भी दिखाया जाना चाहिए। जब भी कोई यात्री वरिष्ठ नागरिक `आरक्षण’ के अंतर्गत गलत उम्र बताकर बुक की गई बर्थ पर यात्रा करता है तो वह वास्तविक योग्य यात्री के अधिकारों का हनन करता है और इसलिए उसे बगैर टिकट यात्रा करने के रूप में माना जाए और उसी के अनुसार शुल्क लिया जाए।