सस्ते हथियार बेचकर भारत को घेरता चीन


मुम्बई।  चीन भारत के पड़ौसी देशों को सस्ते हथियार बेचकर भारत की घेराबंदी कर रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीटयूट के मुताबिक चीन के हथियारों का सबसे बड़ा बाजार पाकिस्तान है। चीन के कुल हथियारों के निर्यात का ३५ फीसदी हिस्सा पाकिस्तान खरीदता है। चीन के हथियारों के निर्यात का २० फीसदी बांग्लादेश और १६ फीसदी म्यांमार खरीदता है। ये तीनों ही देश भारत के पड़ोसी हैं।
२०११-१५ के बीच चीन ने पाकिस्तान को २,९८८ मिलियन डॉलर के हथियार बेचे हैं। बांग्लादेश ने १,६५० मिलियन डॉलर और म्यांमार ने १,३३८ मिलियन डॉलर की राशि के हथियार चीन से खरीदे हैं।
भारत के पड़ोसी देशों को हथियारों की आर्पूित के पीछे चीन की गहरी चाल है। चीन बेहद आसान कर्ज और कम कीमतों पर भारत के पड़ोसी देशों को हथियार मुहैय्या कराता है। खालिदा जिया की सरकार के समय बांग्लादेश और चीन के बीच अच्छे संबंध थे जिसका चीन ने भरपूर फायदा उठाया था। सैन्य शासन के दौर में म्यांमार पर पाqश्चमी देशों ने प्रतिबंध लगा रखे थे, चीन ने इन प्रतिबंधों का इस्तेमाल भी अपना हित साधने में किया।
श्री लंका को भी अपने हथियार बेचने की चीन ने जीतोड़ कोशिश की। चीन द्वारा र्नििमत पाकिस्तानी विमान जेएफ-१७ की खरीद पर श्री लंका सहमत भी हो गया था लेकिन भारत की बेहतरीन वूâटनीति ने सौदे को होने नहीं दिया। २००६-१० के मुकाबले २०११-१५ के बीच चीन के हथियारों का निर्यात ८८ फीसदी बढ़ा है। इतनी तेजी से किसी भी देश के हथियारों का निर्यात नहीं बढ़ा है।
सुबोध२४फरवरी २०१६