सभी राज्यों में खोले जाएंगे फसल उत्कृष्टता केंद्र : कृषि मंत्री


नई दिल्ली। इजरायल के सहयोग से सरकार अब प्रत्येक राज्य में फसल आधारित उत्कृष्टता वेंâद्रों की स्थापना करेगी। वेंâद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन िंसह ने कहा कि देश में इजरायल के सहयोग से २७ वेंâद्रों की स्थापना की जा चुकी है। इसे खोलने की प्रक्रिया जारी है। मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक में िंसह ने कहा कि देश खाद्यान्न के मामले में भले ही आत्मनिर्भर हो गया हो, लेकिन खेती को लाभ में तब्दील करना अभी भी एक चुनौती है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए मंडी कानून में पर्याप्त संशोधन की जरूरत है। इसमें सुधार की दिशा में अहम कदम उठाये गये हैं। इसमें राज्य सरकारों के सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि हमें खेत से थाली तक कोल्ड चेन प्रणाली तैयार करनी है, जिसके लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। सरकार की यही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। खेत से खलिहान तक फसलों का प्रबंधन और मूल्य संवर्धन करना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। पूर्वोत्तर में बैठक के आयोजना का उद्देश्य यहां की खेती व बागवानी पर ध्यान वेंâद्रित करना है। िंसह ने कहा कि बागवानी के विकास के लिए पूर्वोत्तर के राज्यों में अपार संभावनाएं हैं, जिसके दोहन की जरूरत है।
परामर्शदात्री समिति के समक्ष कृषि मंत्री ने कहा कि देस में बागवानी क्षेत्र में फलों, साqब्जयों, वंâद फलों, मशरूम, कट फ्लावर व सजावटी पौधों, मसाले, औषधीय व सुगंधित पौधों की व्यापक किस्में हैं। इसके निर्यात की संभावनाओं से क्षेत्र के र्आिथक विकास की उम्मीद है। सरकार ने इस दिशा में कई अहम पैâसले लिये हैं। देश में २.३० करोड़ हेक्टेयर में २८.१ करोड़ टन बागवानी उत्पाद की पैदावार होती है। यह समूची दुनिया के कुल उत्पादन का १३ फीसद है। आम, केला, पपीता, अनार व नींबू वर्ग के फलों के साथ आंवला की पैदावार में भारत अग्रणी है।