सत्यम घोटाला : रामलिंगा सहित 10 दोषी करार


हैदराबाद। देश के आईटी सेक्टर के सबसे बड़े घोटाले सत्यम मामले में गुरुवार को हैदराबाद की विशेष अदालत ने सत्यम कम्प्यूटर्स के संस्थापक बी.रामािंलगा राजू सहित १० को दोषी करार दिया है। सीबीआई ने इस मामले की जांच की है। विशेष न्यायाधीश बी.वी.एल.एन.चक्रवर्ती ने ९ मार्च को अंतिम सुनवाई के दौरान कहा था, ‘नौ अप्रैल को पैâसला सुनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं इसे बेहद स्पष्ट बना रहा हूं। आगे मुल्तवी करने का सवाल ही नहीं उठता। अदालत इंतजार नहीं करेगी।
रामिंलगा राजू के अलावा अन्य आरोपी उनके भाई और सत्यम के पूर्व प्रबंध निदेशक बी रामा राजू, पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी वदलामणि श्रीनिवास, पूर्व पीडब्लूसी ऑडिटर सुब्रमणि गोपालकृष्णन और टी श्रीनिवास, राजू के एक अन्य भाई बी सूर्यनारायण राजू, पूर्व कर्मचारियों जी रामकृष्ण, डी वेंकटपति राजू और श्रीसाईलम तथा सत्य के पूर्व आंतरिक मुख्य ऑडिटर वी एस प्रभाकर गुप्ता हैं। गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी लेखा धोखाधड़ी माना जा रहा यह घोटाला सात जनवरी २००९ को तब प्रकाश में आया जब वंâपनी के संस्थापक और तत्कालीन अध्यक्ष बी रामिंलगा राजू ने कथित तौर पर अपनी वंâपनी के बही खाते में हेरापेâरी तथा साल तक करोड़ों रूपये का मुनाफा बढ़ा चढ़ा कर दिखाने की बात कबूल की थी। अपने भाई रामा राजू और अन्य के साथ फर्जीवाड़े की बात कथित तौर पर स्वीकार करने के बाद आंध्रप्रदेश पुलिस के अपराध जांच विभाग ने राजू को गिरफ्तार कर लिया। मामले में सभी १० आरोपी अभी जमानत पर हैं। करीब छह साल पहले शुरू हुए मामले में लगभग ३००० दस्तावेज चिाqह्नत किये गए और २२६ गवाहों से पूछताछ हुई।