सत्ता का दुरुपयोग कर भुजबल ने बनाई बड़ी रकम


– भुजबल पर लगे कई आपराधिक मामले
– चाचा-भतीजे से उगलवाए जाएंगे राज
मुंबई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महाराष्ट्र की ओर से दाखिल किए चार्जशीट के मुताबिक महाराठ्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा एनसीपी नेता छगन भुजबल पर सत्ता का दुरुपयोग कर आपराधिक कारनामों का आरोप है। छगन भुजबल को मुख्य आरोपी बनाकर इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। इसमें कहा गया है कि भुजबल ने कई आपराधिक कारनामे किए हैं। उन्होंने साजिशन गलतबयानी और धोखाधड़ी की है। आरोप के मुताबिक भुजबल के परिवार वालों में भतीजे समीर और बेटा पंकज ने कुछ कंपनियों के नाम से मनी लॉन्ड्रिंग की है। सारी कंपनियां छगन भुजबल की है और इनमें एमईटी के कर्मचारियों को फर्जी तौर पर निदेशक बनाया गया था। कंपनियों के नाम से बड़ी रकम की हेराफेरी की गई थी। कुछ कंपनियों के कागजात मिले हैं, लेकिन वह अस्तित्व में ही नहीं है।
– सत्ता का दुरुपयोग कर भुजबल ने बनाई बड़ी रकम
छगन भुजबल महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री रहते हुए चमनकार इंटरप्राइजेज को कई कामों से नवाजा था। इतनी बड़ी रकम की हेराफेरी की वजह भुजबल का सत्ता में बड़े पद पर होना था।
– पीएमएलए की कठोर धाराएं लगी
जांच में मदद के सवाल सामने आया है कि छगन भुजबल ईडी की पूछताछ के दौरान लगातार चुप्पी साधे हुए रहे। इकट्ठा सबूतों और मनी लॉन्ड्रिंग की मिली जानकारी को देखते हुए उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा ४ के तहत भी मामला बनता है। इसके अलावा भी कई सबूत हाथ लगे हैं जो छगन भुजबल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोषी मानते हैं।
– बिल्डर के जरिए परिजनों को पहुंचाया फायदा
एक बड़े बिल्डर और के एस चमनकार इंटरप्राइजेज के पार्टनर को बड़े पैमाने पर फंड ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र सदन और आरटीओ प्रोजेक्ट में उनकी ओर से भुजबल परिवार को बड़ी रकम पहुंचाई गई है।
– चाचा-भतीजे से उगलवाए जाएंगे राज
छगन भुजबल और उनके भतीजे समीर से ईडी संयुक्त रूप से पूछताछ करेगी। चाचा-भतीजे दोनों पूर्व में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) के मंत्री के कार्यकाल के दौरान ठेकेदारों से रिश्वत मांगने के आरोप में जेल में हैं।