संसदीय कमेटी ने पठानकोट हमले में सुरक्षा की गंभीर खामियों का किया इशारा


नई दिल्ली। एक उच्च-स्तरीय संसदीय समिति ने केंद्र सरकार को आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई के मामले में आड़े हाथों लिया और कहा कि देश के आतंक-विरोधी सुरक्षा प्रतिष्ठान में कुछ ”गम्भीर रूप से गलत है’।

पठानकोट हवाई अड्डे पर आतंकी हमले की जांच कर रही केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुडी संसद की स्थायी समिति ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात में भी पठानकोट हवाई अड्डा असुरक्षित है औरइसकी सुरक्षा के लिए बहुत सारे क़दम उठाने की आवश्यकता है। समिति ने कहा है कि 02 जनवरी को जब पठानकोट हवाई अड्डे पर आतंकी हमला हुआ था, एयरबेस की सुरक्षा मजबूत नहीं थी और उसकी परिधि दीवार भी सुरक्षित नहीं थी I समिति ने केंद्र सरकार को इन सब खामियों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।

समिति ने कहा यदि केंद्र सरकार आतंक से लड़ने में गंभीर होती और खुफिया एजेंसियों ने अपना कार्य ठीक तरह से किया होता तो मामला कुछ अलग ही होता। समिति ने आश्चर्य व्यक्त किया कि अग्रिम जानकारी होने के बावजूद भी पाकिस्तानी आतंकवादी किस प्रकार भारतीय वायुसेना के हवाई अड्डे में घुस गए।

समिति के सदस्यों ने पठानकोट हवाई अड्डे पर अधिकारियों से भी भेंट की। अधिकारियों ने समिति को बताया कि उनके पास ऐसा कोई भी अग्रिम समाचार नहीं था कि पठानकोट अड्डे पर हमला हो सकता है। समिति ने केंद्र सरकार से कहा है कि इसकी जांच को गंभीरता से ले और उसपर कार्रवाई करे I कांग्रेस के सांसद पी भट्टाचार्य के नेतृत्व में समिति के 13 सदस्यों ने 11 फरवरी को पठानकोट वायुसेना हवाई अड्डे और क़रीबी क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों और सैनिकों के साथ चर्चा की। समिति ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक सेक्टर का भी जायजा लिया।