संयुक्त राष्ट्र ने काले धन पर कार्रवाई के लिए दिया जोर


० संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का १३वां अधिवेशन में
नईदिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कानून अधिकारियों की एक प्रमुख बैठक में विदेशों में छुपा कर रखे गए काले धन का पता लगाने और उसे बरामद करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कदम उठाने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र में १३वां अधिवेशन जारी है। अपराध निवारण एवं अपराध न्याय विषय पर कतर के दोहा में रविवार को संपन्न हुए संयुक्त राष्ट्र के १३वें अधिवेशन में घोषणा की गई कि बेहिसाबी धनराशि और अन्य संपत्तियों का पता लगाने और उसकी वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। इस धनराशि को जब्त किया जा सकता है। अधिवेशन में कहा कि काले धन को घरेलू नियमों के अनुसार ही जब्त किया जा सकता है। हफ्ते भर तक चले इस अधिवेशन में पारित किए गए इन प्रस्तावों को ‘दोहा घोषणा-पत्र’ नाम से एक दस्तावेज के रूप में रखा है। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून, भारतीय कानून मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और विश्व भर के शीर्ष वैधानिक और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
सूत्रों के अनुसार सभी तरह के गैरकानूनी वित्तीय आवागमन से निपटने के लिए रणनीतियां बनाई जानी चाहिए और र्आिथक और वित्तीय अपराधों का मुकाबला करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए, जिसमें धोखाधड़ी, टैक्स और कॉर्पोरेट अपराध भी शामिल हो। विदेशों में जमा काले धन के मुद्दे पर कार्रवाई का यह अंतर्राष्ट्रीय आह्वान ऐसे समय में किया है, जब इसके पहले भारत ने इस मुद्दे पर अभियान शुरू किया।