शिवसेना और जदयू को ठेंगा; हुआ मंत्रालयों का बंटवारा


नई दिल्ली, (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार में जनता दल यू के नीतीश कुमार और शिवसेना प्रमुख की पूर्ण रूप से उपेक्षा कर दी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री से कहा था कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में लोजपा को जो प्रतिनिधित्व दिया गया है।उस्से 1 सीट ज्यादा मंत्रीमंडल में मिलना चाहिए। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार नहीं किया। इसी तरह शिवसेना द्वारा लगातार भाजपा नेतृत्व को चुनौती दिए जाने के कारण इस मंत्रिमंडल विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना को मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी नहीं देकर पूरी तरह से उपेक्षित किया है।

मंत्रियों को दिये गये विभागों की भी हुई घोषणा

शपथ ग्रहण के बाद सरकार की ओर से नये मंत्रियों को कौन-कौन से मंत्रालय का जिम्मा मिलेगा इसकी भी औपचारिक घोषणा कर दी गई है। सुश्री निर्मला सीतारमण बनीं नई रक्षामंत्री होंगी।

 

सुरेश प्रभु नये वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री रहेंगे। उनसे रेल विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। सुरेश प्रभु की जगह पियुष गोयल अब नये रेल मंत्री बनेंगे। उनके पास कोयला मंत्रालय का कार्यभार भी रहेगा।  उधर नीतिन गणकरी को जन संसाधान, नदियों के विकास और गंगा के जीर्णोद्धार संबंधी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उमार भारती अब पेयजल एवं सेनीटेशन मंत्रालय देखेंगी। धर्मेन्द्र प्रधान को स्‍किल डेवलपमेंट और शिवप्रताप शुक्ल को वित्त राज्य मंत्री बनाया गया है।

हरदीप पुरी और अल्फोंसकन्नथापम के पास क्रमशः आवास तथा शहरी विकास और पर्यटन के मंत्रालय का कामकाज रहेगा। आर के सिंह ऊर्जा मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार देखेंगे। अश्विनी चौबे को स्वास्थ्य तथा ‌ विरेन्द्र कुमार को महिला ‌ एवं बाल विकास का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है।

उमा भारती का भविष्य दांव पर

केंद्रीय मंत्रिमंडल में टीकमगढ़ के सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक को शामिल करके भाजपा नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती को करारा झटका दिया है। उल्लेखनीय है कि जब उनसे इस्तीफा मांगा गया था। उस समय उनके तेवर विद्रोही दिख रहे थे। जिसके कारण केंद्रीय नेतृत्व ने उमा भारती और अन्य बड़बोले नेताओं को संदेश देने के लिए डा. वीरेंद्र खटीक जो छठवीं बार के सांसद हैं। उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान देकर बड़बोले नेताओं को कड़ा संकेत दिया है।

तेज तर्रार नेताओं की उपेक्षा

केंद्रीय मंत्रीमंडल के विस्तार में पिछले 2 दिनों से जिन चर्चित नेताओं के नाम सामने आ रहे थे इनमें साहब सिंह वर्मा के लड़के प्रवेश वर्मा, विनय सहस्त्रबुद्धे, पहलाद पटेल, सुरेशानंद अंगाड़ी अनुराग ठाकुर इत्यादि के नाम थे किंतु इनमें से एक को भी मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिली| राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार इस मंत्रिमंडल विस्तार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा संगठन, संघ और सारे देश को एक संदेश देना चाहते थे| मंत्रिमंडल में किसे रखना है और किसे नहीं रखना है यह उनका अधिकार है| उन्होंने राजनीतिक समीकरण के स्थान पर योग्यता और विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए इस बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया है| इस मंत्रिमंडल विस्तार में 4 पूर्व नौकरशाहों जिनमें एक आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी भी है| मंत्रिमंडल में शामिल करके उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह भारतीय राजनीति में आने वाले सालों में जो परिवर्तन होने जा रहे हैं| उसका संदेश भी इस मंत्रिमंडल विस्तार में दिया है|

पूरी तरह नहीं मानी संघ की सलाह

शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से वृंदावन में मुलाकात की थी| संघ द्वारा कुछ नामों की अनुशंसा की गई थी| अमित शाह संघ प्रमुख से बात करने के बाद शनिवार की शाम जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले, और जो सूची फाइनल हुई| उसमें संघ द्वारा जिन नामों की अनुशंसा की गई थी| उनमें से कई चर्चित चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है| इससे पार्टी संगठन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पकड़ और ज्यादा मजबूत होगी|

प्रभु ने छोड़ा रेल मंत्रालय

केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि उन्होंने रेल मंत्री का प्रभार छोड़ दिया है| उन्होंने रेलवे के सभी 13 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया| वहीं रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं भी दी हैं|