शिरडी : सार्इं भक्तों से आया 463 करोड़ का रिकॉर्ड चढ़ावा


शिरडी। भले ही समय-समय पर शंकराचार्य सार्इं का विरोध करते रहे हैं, शंकराचार्य ने साईं की पूजा को अधर्म तक बता दिया। लेकिन उसके बावजूद साईं के भक्तों की तादाद में कोई कमी नहीं आई, उलटा भक्तों के साथ साथ चढ़ावा भी बढ़ता गया। साईं के खजाने में भक्तों ने धन बरसा कर साबित कर दिया है कि उनके दिलों में साईं के लिए सम्मान कम नहीं हुआ है। साईं में आस्था रखने वाले मानते है कि साईं साक्षात भगवान है। उनकी महिमा और चमत्कार से शिरडी की धरती पटी पड़ी है। ये साईं पर भक्तों का अटूट विश्वास ही है कि हर साल अरबों का चढ़ावा चढ़ता है-भक्त दिल खोलकर अपने साईं बाबा पर धन बरसाते हैं और साल दर साल वो आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। जी हां, भले ही सुनकर आपको अपने कानों पर यकीन न हो रहा हो, लेकिन ये सच है। हर साल नए साल से पहले ही महाराठ्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल शिरडी में ऐसे भक्तों का जमावड़ा लगना शुरु हो जाता है जो अपना नया साल साईं के दर्शन से शुरु करना चाहते हैं। साथ ही इस मौके पर साईं के भक्त दिल खोलकर दान भी करते हैं। यही वजह है कि साईं मंदिर दुनिया के अमीर मंदिरों की लिस्ट में शामिल हो गया है। इस बार भी लाखों भक्त नए साल पर शिरडी पहुंचे थे। आपको बता दें कि हर साल साईं के चढ़ावे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, पिछले साल के मुकाबले इस बार रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा आया है। जिसमें कैश के साथ ही सोना चांदी और हीरे जवाहरात भी पहले के मुकाबले ज्यादा दान में मिले हैं। साईं मंदिर को मात्र एक साल में भक्तों ने ४६३ करोड़ का रिकॉर्ड चढ़ावा चढ़ाया है। साईं मंदिर में सिर्फ एक साल में यानी साल २०१४ से २०१५ तक में अब तक सबसे बड़ा चढ़ावा चढ़ा है। वैसे तो साईं के खजाने में उनके भक्त दिल खोलकर दान देते हैं, लेकिन इस बार नए साल का आगाज की रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावे से हुआ है। अगर ये कहा जाए कि इस साल साईं के खजाने में धन पानी की तरह बरसा है तो गलत नहीं होगा, क्योंकि नए साल पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बन गया है। इस कैलेंडर इयर में साईं के खजाने में ४ सौ ६३ करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जिनमें से २६८ करोड़ नकद जबकि परियोजना के माध्यम से १९५ करोड़ की राशि जमा हुई है।