शहीद कैप्टन पवन कुमार का जाट समुदाय व जेएनयू से था ताल्लुक


नईदिल्ली। जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ एक अभियान में शहीद होने वाले सेना वैâप्टन पवन कुमार दिल्ली की उसी जवाहरलाल नेहरू यूनिर्विसटी (जेएनयू) की डिग्री थी, जहां गत दिनों छात्रों ने देशविरोधी नारे लगाए थे। इस इत्तेफाक ही कहेंगे कि पवन का जन्म आर्मी डे (१५ जनवरी) के दिन हुआ था और वह उस जाट समुदाय से ताल्लुक रखते थे, जो आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में िंहसा कर रहा है और उन्हें रोकने के लिए सेना को उतारा गया है। उनके पिता राजबीर िंसह ने कहा, मैंने अपना इकलौता बेटा देश पर न्यौछावर कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, पवन जेएनयू के डिग्री होल्डर हैं। वैâप्टन पवन कुमार हरियाणा के जींद से थे और उन्होंने ३ साल पहले ही सेना जॉइन की थी। रविवार को जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पम्पोर में एक सरकारी इमारत में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान में वह शहीद हो गए। इस अभियान में सेना के एक अन्य वैâप्टन तुषार महाजन और जवान ओम प्रकाश भी शहीद हुए हैं। इनके अलावा सीआरपीएफ के २ जवान भी शहीद हुए हैं। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि पवन ने सेना में अपने ३ साल की र्सिवस में साबित किया कि वह बहुत बहादुर और निडर अधिकारी थे, लेकिन उनमें परिपक्वता उम्र से कहीं ज्यादा थी। पवन कुमार का लास्ट पेâसबुक पोस्ट था, किसी को आरक्षण चाहिए, किसी को आजादी, मुझे चाहिए बस मेरी रजाई।