व्यापम घोटाले में मुख्यमंत्री का नाम हटाकर कर दिया मंत्री


० एसआईटी की जांच पर खड़े सवाल
० डुप्लीकेट हार्डडिस्क की हो रही जांच
० ओरिजनल एक्सल सीट से हुआ खिलवाड़
० भोपाल में एकजुट हुए कांग्रेस के दिग्गज
० व्यापमं घोटाले पर कांग्रेस का खुलासा
भोपाल। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सोमवार को शिवराज सरकार के खिलाफ चल रहे व्यापमं घोटाले से जुड़े मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे किये। पूर्व महाधिवक्ता विवेक तन्खा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया को बताया कि एसआईटी व्यापमं घोटाले की जांच निष्पक्ष नहीं कर रही है। एसआईटी ने जो एक्सल सीट जब्त की है, उसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम हटाकर सिर्पâ मंत्री कर दिया गया है। व्यापमं एशिया का सबसे बड़ा घोटला हैं। वहीं बरामद हार्डडिस्क के साथ छेड़छाड़ की गई है। उसमें डाटा को बदलकर दूसरी हार्डडिस्क बना डाली। ओरिजनल को हटाकर डुप्लीकेट हार्डडिस्क की जांच की जा रही है। ये सब भाजपा सरकार के इशारे पर हो रहा है। संविदा शिक्षक भर्ती से भी जुड़े दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई। हालांकि विवेक तन्खा ने इन सबूतों के बारें में कहा कि समय आने पर सूत्रों के नाम भी बताए जाएगें। उन्होंने कहा कि ४८ बार मुख्यमंत्री ने अपने नाम की जगह उमा भारती का नाम, मुख्यमंत्री हटाकर सिर्पâ मंत्री किया। शिवराज सिंह चौहान को खुला चैलेंज करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा या तो मेरे द्वारा दिये गये एफीडेविट को मुख्यमंत्री गलत साबित करें या फिर अपने पद से इस्तीफा दें। इस मौके पर मप्र के वेंâद्रीय नेता कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित तथा पूर्व महाधिवक्ता विवेक तन्खा एवं प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव तथा नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे भी माजूद थे। इस मौके पर मप्र के प्रभारी मोहनप्रकाश भी मौजूद थे।

० सीएम पद से दें इस्तीफाः कमलनाथ
पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यालय में कहा कि व्यापमं घोटाला प्रदेश में देश का सबसे बड़ा घोटाला है। प्रदेश के नौजवानों के परिवार से खिलवाड़ है। किसी प्रकार एक हार्डडिस्क को डिपुलीकेट हार्डडिस्क की जांच की जा रही है। तो सबूतों के साथ खुली छेड़छाड़ है। इस घोटालें में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कई मंत्री भी जुड़े है। पहले तो सीएम अपने पद से इस्तीफा दें, जिससे की एसआईटी खुल कर इस मामले की जांच कर सके। उन्होंने कहा कि आप (मीडिया) भी सच्चाई का साथ दें। सच्चाई को समाने लाए।

० झूठ को छिपाने के लिए दूसरा झूठ रचाः सिंधिया
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इससे बड़ा मुद्दा प्रदेश में नहीं हो सकता है। शासन और प्रशासन की मिली भगत से व्यापमं जैसा बड़ा किया गया। एक सबूत को छिपाने के लिये दूसरा झूठ, और दूसरे को छिपाने के लिये तीसरा झूठ बनाया गया। व्यापमं घोटाले एशिया का सबसे बड़ा घोटाला है।

० जांच अधिकारियों पर आपराधिक कार्यवाही की मांग
ुुपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्पेशल टास्क फोर्स को कार्यवाही पर सवालिया निशान लगाते हुए एसटीएफ को जो तथ्यों के साथ जानकारी उपलब्ध कराते हुए एसटीएफ को तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर मुख्यमंत्री को बचाने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एसआईटी के चेयरमेन को शिकायती ज्ञापन में यह भी कहा कि एसआईटी के जिन अधिकारियों ने सांठ गांठ कर आरोपियों को बचाने तथा कम्प्यूटर एवं हार्ड डिस्क के डाटा में छेड़छाड़ की है। धारा १९२,२०१, तथा १२० बी के अन्तर्गत कार्यवाही करने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री का आरोप है कि एसटीएफ के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा अन्य मंत्रियों को बचाने के लिए डाटा में छेड़छाड़ की है। जिसके सबूत उन्होंने चेयरमेन को शपथ के साथ शिकायत प्रस्तुत की है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिाqग्वजय िंसह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज िंसह चौहान सीधे-सीधे व्यापमं घोटाले में शामिल हैं। दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह को चैलेंज दिया है कि उनके द्वारा दिये गये एफीडेविट को या तो कोर्ट में गलत साबित करें या इस्तीफा दें। घोटाले में ४८ जगह शिवराज िंसह का नाम था, जिसे हटाकर दूसरे भाजपा नेताओं का नाम जोड़ा गया। एसआईटी ने एक्सल शीट जब्त की थी। उसमें ४८ जगह सीएम का नाम था। एसटीएफ पर दबाव डालकर उसे मिटाया गया। शिवराज की जगह मिनिस्टर और उमा भारती का नाम जोड़ा गया। राजभवन का नाम भी शिवराज की जगह लिखा गया।

० मैं राज्यपाल होता, तो इस्तीफा दे देता- कटारे
मीडिया से चर्चा करते हुए मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने व्यापमं घोटाले में मप्र के राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे का नाम सामने आने पर कहा कि, अगर वे राज्यपाल होते, तो इस्तीफा दे देते। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिाqग्वजय िंसह, विवेक तनखा, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने व्यापमं घोटाले को लेकर सोमवार को एसआईटी के सामने कॉल डिटेल की एक्सल शीट सहित कई अन्य दस्तावेजों को पेश किए। एसआईटी के समक्ष पेश होने के पहले दिाqग्वजय ने कहा कि वे पुख्ता दस्तावेज लेकर आए हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर एसआईटी कार्रवाई करेगी।

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दिग्विजय सिंह के एफीडेविट में बिन्दुवार आरोप
– दिग्विजय सिंह द्वारा एसटीएफ के समक्ष उठाये गये गंभीर मुद्दों की जांच न की जाना।
– एसटीएफ पर मुख्यमंत्री और प्रशासनिक तंत्र के दबाव का आरोप।
– एसटीएफ द्वारा तथ्यों के छेड़छाड़ कर मुख्यमंत्री, वेंâद्रीय मंत्री और आरएसएस का पदाधिकारियों का बचाना।
– सबूतों के रिकार्ड का उल्लेख नहीं।
– प्रभावशाली लोगों की जांच केवल दिखावा।
– प्रभावशाली लोगों के खिलाफ एफआईआर न किया जाना।
– जांच पूर्व हार्डडिस्क की क्लोनिंग किये जाने का आरोप।
– इलेक्टॉनिक रिकार्ड के लिए अनिवार्य मानकों का पालन न करना।
– नितिन महिन्द्रा के कम्प्यूटरों को जब्त नहीं करना।
– गलत चार्जशीट पेश कर उच्च न्यायालय को धोखा देना।
– मुुख्यमंत्री और उनके परिवार को बचाने सीडी रोम से छेड़छाड।
– पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच न शुरू करने का आरोप।

० कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
व्यापमं घोटाले पर कांग्रेस के दिग्गजों नेताओं ने भाजपा की शिवराज सरकार पर हमला बोला। तो सरकार के वैâबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा को प्रेस कांप्रेâस करनी पड़ी। दूसरी ओर कांग्रेस के बार पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर में मीडिया से कहा कि कांग्रेस पहले भी व्यापमं को लेकर आरोप लगाती रही है। कांग्रेस के सारे आरोप निराधार है, जबकि व्यापमं घोटाले की जांच एसआईटी कर रही है। कांग्रेस इन आरोपों के माध्यम से सरकार की छवि को खराब करना चाहती है।
संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस कांप्रेâस कर मीडिया को बताया कि कांग्रेस के सभी आरोप निराधार है। कांग्रेस लोकसभा, विधानसभा और फिर नगरीय निकाय के चुनाव में हार से निराशा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस नगरीय निकाय चुनाव में इन दिग्गज नेताओं को शामिल कर लेती, तो शायद कांग्रेस को एक-दो पार्षद अवश्य मिल जाते। वहीं दूसरी ओर जनसंपर्वâ मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने दिल्ली से कहा कि व्यापमं मामले की जांंच एसआईटी कर रही है। सभी कांग्रेसी जनता से नकारे गए है। अगर ऐसा होता तो जनता हमें समर्थन नहीं देती।