वॉट्सएप पर जनहित याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इंकार


कुछ ऐसा ही एक नया प्रयोग अमेरिका में रहने वाले एक वकील अशोक अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में किया मगर उनका यह कदम सुप्रीम कोर्ट को नहीं भाया। दरअसल उक्‍त वकील ने वॉट्स एप के जरिये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्‍टिस टीएस ठाकुर को एक जनहित याचिका भेजी और इस पर सुनवाई की मांग की, मगर सुप्रीम कोर्ट ने उक्‍त याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया।

देश में यह पहला मौका है, जब किसी वकील ने जनहित याचिका दायर करने के लिए सोशल मीडिया के साधन वॉट्स एप का प्रयोग किया। हालांकि कोर्ट वक्त-वक्त पर चिट्ठियों पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका मानकर सुनवाई करती रही है, लेकिन वॉट्सएप संदेश का संज्ञान लेने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है।

अमेरिका में रह रहे वकील अशोक अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्‍टिस टीएस ठाकुर के मोबाइल पर एक वॉट्सएप मैसेज किया था और मांग की थी कि देश में मौलिक कर्तव्यों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएं। इसे लेकर कोर्ट कोई आदेश जारी करे और वकील, जज व राजनेता आदि अपनी ड्यूटी को भी सही से निभाएं। वकील ने इसी मैसेज को ही जनहित याचिका मानने की अपील की थी, लेकिन चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने इससे इनकार कर दिया। चीफ जस्‍टिस ने वकील से कहा कि इस तरह डिजीटल संदेश पर सुनवाई नहीं की जा सकती। इसलिए वह अगर अपनी याचिका पर सुनवाई चाहते हैं तो भारत आकर अपनी याचिका सही परंपरागत कानूनी तरीके से सुप्रीम कोर्ट में दायर करें। उसके बाद उस पर सुनवाई के लिए कोर्ट विचार करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के इंकार करने पर वकील अरोड़ा ने इस संबंध में भारत आकर सुप्रीम कोर्ट में वॉट्स एप पर भेजी गई याचिका को दायर भी कर दिया है। उन्होंने याचिका में कहा है कि देश के नागरिक (इनमें वकील, जज और राजनेता शामिल हैं) अपने मौलिक कर्तव्यों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए जहां लोग अपने मौलिक कर्तव्यों का भी पालन करें। अब इस याचिका पर 9 मई को सुनवाई होने की