वैलंटाइंस डे पर गैर-िंहदू पार्टनर की कराए ‘घर वापसी’


० िंहदू महासभा ने बनाया प्लान
नईदिल्ली। १४ फरवरी यानी वैलंटाइंस डे पर िंहदू महासभा ने इस बार नया पासा पेंâका है। उसका कहना है कि इस मौके पर अलग-अलग धर्मों के लोगों के आपस में विवाह का खुलकर स्वागत किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए एक शर्त है। गैर-िंहदू पार्टनर को ‘घर वापसी’ करनी होगी यानी िंहदू बनना पड़ेगा।
अखिल भारतीय िंहदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रकाश कौशिक का कहना है कि १४ फरवरी को प्रेम विवाह दिवस की तरह मनाया जाएगा, यह भी घर वापसी का भाग होगा। उन्होंने कहा कि मुाqस्लम या ईसाई पार्टनर की घर वापसी शादी से एक दिन पहले की जाएगी। इसके लिए हम कपल्स से एक दिन पहले सूचना देने को कह रहे हैं ताकि घर वापसी यानी फिर से धर्मांतरण के लिए पूरी व्यवस्था कर सवेंâ। हाल में िंहदू महासभा ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की र्मूित को देशभर में लगाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वैलंटाइंस डे उन लोगों के लिए ‘प्रेम परीक्षा’ होगी, जो अलग-अलग धर्मों का पालन करते हैं। लव जिहाद के कई मामले हैं। अगर लड़का वाकई में लड़की से प्रेम करता है, तो उसे वह धर्म अपना लेना चाहिए, जो उसके पूर्वजों का था। लव जिहाद का मतलब मुस्लमान पुरुषों की तरफ से िंहदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए अपनी तरफ आर्किषत करने से है। महासभा ने इस दिन के लिए ६ टीमें तैयार की हैं। इन टीमों को राष्ट्रीय राजधानी और पाqश्चमी उत्तर प्रदेश में ऐसे जोड़ों की पहचान करने की जिम्मेदारी मिली है, जो इस ऑफर का उपयोग कर सकते हैं। कौशक के अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से धर्मांतरण के लिए तीन पुजारियों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर और पुजारियों को बुलाया जा सकता है।