लैंड बिल को लेकर अभियान चलाएगा आरएसएस


० आरएसएस से भाजपा के विस्तार की रणनीति पर चर्चा
नईदिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के टॉप लीडर्स के साथ भाजपा की सोमवार को हुई बैठक में पार्टी के विस्तार की रणनीति पर विचार किया है। इस बात पर सहमति बनी कि पार्टी के बिहार, पाqश्चम बंगाल, तमिलनाडु, केरल में विस्तार पर फोकस किया जाए। बिहार में पार्टी का संगठन है, लेकिन संघ चाहता है कि बिहार में और तेजी से काम होना चाहिए। आरएसएस के पदाधिकारियों का मानना था कि दिल्ली की तरह ओवर कॉाqन्फडेंस में नहीं रहना चाहिए। यह मौका है कि कुछ और राज्यों में पार्टी का विस्तार हो। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में संघ ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा को जेडी (यू) नेता नीतीश कुमार से दोस्ती करने की सलाह दी है। संघ ने बिहार बीजेपी से कहा कि जेडीयू को कांग्रेस और आरजेडी से अलग करना हुए चुनाव में फायदा पहुंचा सकता है। संघ ने इसका पैâसला बीजेपी पर छोड़ा है।
० लैंड बिल पर अभियान चलाएगा आरएसएस
यह भी तय हुआ कि संघ देश की जनता को भूमि अधिग्रहण बिल की विशेषताओं से अवगत कराने के लिए अपने नेटवर्वâ का इस्तेमाल करेगा। संघ की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि वह लोगों को भूमि अधिग्रहण बिल की विशेषताओं की जानकारी देने के लिए अभियान चलाएगा। योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का दर्जा मिलने के बाद आरएसएस और बीजेपी योग दिवस पर देशभर में कार्यक्रम भी करेंगे।
० सरकार से तालमेल पर भी हुआ विचार
बैठक में आरएसएस की ओर से कहा गया कि उसके अजेंडे को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। तकरीबन ४ घंटे चली बैठक में भाजपा, आरएसएस और सरकार के बीच तालमेल बनाने पर भी विचार हुआ। वेंâद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निवास पर हुई इस बैठक में सरकार की ओर से गृह मंत्री राजनाथ िंसह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा खुद गडकरी भी मौजूद थे। संगठन की ओर से अमित शाह, संगठन महामंत्री रामलाल और महामंत्री राम माधव थे, जबकि संघ की ओर से उनकी सेवेंâड कमांड के भैया जी जोशी, सुरेश सोनी आदि मौजूद थे। आधिकारिक तौर पर इस बैठक के बारे में सिर्पâ इतना ही बताया है कि बैठक में देश की ताजा राजनीतिक ाqस्थति पर विचार किया। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में पिछले दिनों नागपुर में हुई संघ की प्रतिनिधि सभा में लिए गए पैâसलों की जानकारी बीजेपी और सरकार के मंत्रियों को दी गई और उनसे कहा गया कि संघ के अजेंडे के मुताबिक सुधार कार्य किए जाने चाहिए।