लाल चंदन का सबसे बड़े खरीदार बाबा रामदेव


हैदराबाद । देश में लाल चंदन के सबसे बड़ा खरीदार के रूप में बाबा रामदेव का पतंजलि योग ट्रस्ट उभरा रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से की गई हालिया नीलामी में हरिद्वार के इस ट्रस्ट ने २०७ करोड़ रु में ७०६ टन लाल चंदन की लकड़ी खरीदा है। चीन के बाद देश में संभवत: बाबा रामदेव ही ऐसे खरीदार हैं, जिन्होंने इतने बड़े पैमाने पर इस कीमती लकड़ी को खरीदा था।
सूत्रों के अनुसार पतंजलि योगपीठ आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन के लिए लाल चंदन की लकड़ी का उपयोग करता है। तीन तरह की क्वालिटी वाले लाल चंदन की नीलामी की गई थी, जिसमें से ए ग्रेड की लकड़ी को १.७५ करोड़ रु/टन यानी सबसे अधिक कीमत मिलती है। वहीं, बी ग्रेड की लकड़ी १.५ करोड़ रु/टन के भाव से बेची गई। रामदेव के ट्रस्ट ने सी ग्रेड का चंदन खरीदा, जिसकी कीमत करीब २९ लाख रु/टन थी। हालांकि, अभी स्पष्ट नहीं है कि रामदेव दवाओं में इसका किस तरह से उपयोग करते हैं। मगर, चीन और पूर्व एशियाई देशों में इसे हर्बल कामोद्दीपक के रूप में किया है। सरकार दूसरे दौर की नीलामी मई में करेगी और उसे उम्मीद है कि ३५०० टन लाल चंदन को खरीदने के लिए दुनियाभर से बोली लगाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि नीलामी में बेची गई ३०० टन लाल चंदन की लकड़ी ८ अप्रैल को चीन के रास्ते हॉगकॉग भेज दिया है। इसी रास्ते से दूसरी १००० टन की खेप कृष्णापत्तनम पोर्ट से २२ अप्रैल को भेजी जाएगी।