लालू यादव को मिली साढे़ तीन साल की सजा


– पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया
रांची (ईएमएस)। चारा घोटाले के एक मामले में लालू प्रसाद यादव को सजा सुना दी गई है। सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। देवघर कोषागार से अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपए निकालने के मामले के सभी 16 दोषियों ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बिरसा मुंडा जेल में एक साथ बैठकर फैसला सुना। राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत छह दोषियों को 3.5 साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि बीते साल 24 दिसंबर को सीबीआई जज ने लालू समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया था। सजा का फैसला तीन जनवरी को ही आना था, पर तारीख एक-एक दिन कर टलती जा रही थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने दोषियों को ज्यादा से ज्यादा सजा देने की मांग की थी, जबकि लालू के वकील ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कम से कम सजा देने की अपील की थी। पिछले तीन दिन से कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू और जज के बीच बातचीत के कई प्रसंग सामने आए थे। जज शिवपाल सिंह ने कहा था कि लालू के लोगों की ओर से उनके पास कई फोन आए थे। जज ने लालू प्रसाद यादव से कहा था कि, आपके लिए मेरे पास कई लोगों ने सिफारिशें की हैं, लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं केवल कानून का पालन करूंगा। इससे पहले लालू के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि, लालू डायबीटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और वह गुरुवार को लगभग बेहोश हो गए थे। कोर्ट ने जिन आरोपियों को चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया है, उनमें लालू प्रसाद यादव के अलावा आरके राणा, जगदीश शर्मा, तीन आईएएस अधिकारी तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह, पशुपालन विभाग के तत्कालीन सचिव बेक जूलियस एवं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी महेश प्रसाद शामिल हैं।

लालू ने जेल से भेजा संदेश:-
फैसला आने से पहले ही आरजेडी की ओर से बुलाई गई बैठक में विधायकों समेत पार्टी के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में लालू यादव की चिट्ठी नेताओं में बांटी गई। तेजस्वी यादव ने बताया कि फैसला आने के बाद लालू ने जेल से खत लिखा था, जो वह जन-जन तक पहुंचाना चाहते हैं। अब पार्टी के लोग बिहारवासियों को लालू प्रसाद यादव का संदेश पहुंचाएंगे। तेजस्वी यादव ने बीजेपी और संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को हमेशा से लालू प्रसाद का डर था, उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एकजुट है और हम मिलकर संघर्ष करेंगे। तेजस्वी ने कहा कि हमारे पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है, हम फैसले के खिलाफ उच्च अदालत जाएंगे।

क्या है मामला:-
करीब 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले का खुलासा जनवरी-1996 में हुआ था। तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा था। इसमें ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे पता चला कि 1990 के दशक में ऐसी कंपनियों को सरकारी कोषागार से चारा आपूर्ति के नाम पर पैसे जारी किए गए, जो थीं ही नहीं। रांची में सीबीआई कोर्ट ने 1990 से 1994 के बीच देवघर ट्रेजरी से फर्जी तरीके से 89.27 लाख निकालने से जुड़े केस में लालू को सजा सुनाई गई है। कोर्ट दिसंबर में ही लालू समेत 16 लोगों को दोषी ठहरा चुका था। 1996 में पटना उच्च न्यायालय ने चारा घोटाले की जांच के आदेश दिए थे। देवघर ट्रेजरी केस में 1997 में 38 लोगों पर चार्जशीट दाखिल हुई थी। इनमें से 11 की मौत हो चुकी है, जबकि तीन सरकारी गवाह बन गए। दो ने गुनाह कबूल कर लिया था। जिन आरोपियों को अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया था, उनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, तीन आईएएस अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।