ललित मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी मंजूर


मुंबई। आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी के खिलाफ मनी लांड्रिंग के एक मामले में जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मुंबई की एक विशेष अदालत ने आदेश जारी कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दे दी है। इस सिलसिले में उसे मोदी को भारत मंगवाने की मंजूरी दी गई है। दरअसल मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ईडी ने विशेष अदालत में इस बाबत एक याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि मोदी के खिलाफ ब्रिटेन से पिछले साल अगस्त में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था जिसमें मोदी का प्रत्यर्पण करने की मांग की गई थी, लेकिन उसका आज तक कोई परिणाम नहीं निकला। अधिकारियों ने कहा कि पी.आर.भावाके की विशेष अदालत ने इस याचिका को मंजूरी दे दी। अदालत ने इससे पहले इसी मामले में मोदी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके आधार पर ही पिछले साल ललित मोदी के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया। अधिकारी के मुताबिक प्रत्यर्पण के आग्रह को ईडी अब विदेश मंत्रालय के पास भेजेगा। मंत्रालय को प्रत्यर्पण के लिए इस आग्रह को ब्रिटेन के अधिकारियों के पास भेजना होगा। दरअसल इंटरपोल के अधिकारी मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी से समय-समय पर अतिरिक्त जानकारी की मांग करते रहे हैं ताकि ललित मोदी के खिलाफ विश्वभर में मान्य वारंट जारी किया जा सके।

– क्या है मामला
ईडी का दावा है कि वर्ष २००९ में क्रिकेट टूर्नामेंट के विदेशों में प्रसारण के अधिकार देने में ललित मोदी ने बीसीसीआई-आईपीएल के साथ धोखाधड़ी की। हालांकि ललित मोदी इन आरोपों से इन्कार करते रहे हैं। उनके खिलाफ ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और एजेंसी चाहती है कि वह भारत आकर जांच में सहयोग करें। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन.श्रीनिवासन ने ललित मोदी और आधा दर्जन अन्य लोगों के खिलाफ चेन्नई पुलिस के पास धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद ईडी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी।
– मोदी के ब्रिटेन में होने के कई सबूत
अधिकारियों ने कहा कि ईडी के जांचकर्ताओं के पास इस बात के काफी सबूत हैं कि ललित मोदी इस समय ब्रिटेन में है। ललित मोदी ईडी के आरोपों का खंडन करते हुए कहते रहे हैं कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की।