लखवी १ माह तक नहीं होगा रिहा  


नई दिल्ली । मुंबई हमले के गुनहगार जकीउर रहमान लखवी की फिलहाल अभी रिहाई नहीं होगी। वो अभी एक महीने और जेल में रहेगा। इस बात की जानकारी शनिवार सुबह मिली। लखवी को अभी जेल से रिहा होने में एक महीने तक का समय लग सकता है। लखवी को पाकिस्तान की एक अदालत द्वारा तत्काल रिहा करने के आदेश पर कड़ी वैश्विक प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तान पर बढ़ता दबाव काम आया है। पड़ोसी मुल्क ने तय किया है कि अभी लखवी को एक महीने तक हिरासत में ही रखा जाएगा।
दरअसल, लखवी को रिहा करने पर भारत के साथ अमेरिका ने भी आपत्ति जताई है। अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा कि वह २००८ के मुंबई आतंकवादी हमलों के षडयंत्रकर्ताओं को कानून की पकड़ में लाने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करे। विदेश विभाग की प्रवक्ता जेन ने कहा, पाकिस्तान की सरकार ने मुंबई आतंकवादी हमलों के षडयंत्रकर्ताओं, वित्त पोषण करने वालों और प्रायोजकों को कानून की पकड़ में लाने में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई थी।
लखवी की रिहाई से नाराज भारतीय विदेश मंत्रालय के कार्यवाहक सचिव ने दिल्ली में पाक उच्चायुक्त को तलब किया तो इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की ओर से पाक के शीर्ष नेतृत्व को नाराजगी जताई गई। गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजु ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लखवी के खिलाफ सुबूतों को अदालत के सामने पेश नहीं किया गया।
एस जयशंकर की अनुपाqस्थति में विदेश सचिव का कार्यभार देख रहे अनिल वाधवा ने पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर लखवी के रिहाई पर कड़ा एतराज जताया। उनका कहना था कि लखवी को सजा देने की जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है। वहीं किरण रिजिजु ने इसके लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पाकिस्तान पर भारत से भेजे गए सुबूतों को अदालत में नहीं पेश करने का आरोप लगाया।
दरअसल लखवी ने अपनी तीसरी बार गिरफ्तारी के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी। हाई कोर्ट ने उसकी अपील पर पैâसला सुनाते हुए उसकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया। अदालत का कहना था कि लखवी को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। इसके पहले भी स्थानीय अदालत लखवी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे चुका है लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान सरकार को उसे हिरासत में रखना पड़ा था।