रॉबर्ट वाड्रा का बयान नहीं चाहिए प्रियंका की मदद


नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि मुझे कितना ही अपमानित क्यों न किया जाए, मैं यह देश कभी नहीं छोड़ूंगा। अकसर चर्चा में रहने वाले रॉबर्ट ने यह भी कहा कि अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए मुझे अपनी पत्नी प्रियंका के नाम की जरूरत नहीं है। प्रियंका से शादी के पहले ही मेरे पास बहुत कुछ था। मेरे माता-पिता ने मुझे काफी कुछ दिया है।

समाचार एजेंसी एनआई को दिए इंटरव्यू में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वे सियासत में और सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। मैंने कभी इस बारे में नहीं सोचा कि मैं जिंदगी में क्या करूंगा।’
रॉबर्ट वाड्रा  ने कहा कि ‘राजनीति से मैं उसी हालत में जुड़ना चाहूंगा, जब मैं इसके जरिए बदलाव ला सकूं।’ 2014 के आम चुनावों के दौरान हरियाणा में लैंड डील को लेकर भाजपा की ओर से निशाना बनाए जाने के बावजूद रॉबर्ट ने चुप्पी ही साधे रखी।
सोनिया गांधी के दामाद ने कहा कि ‘मैं यहां पैदा और पला-बड़ा हुआ हूं। मुझे पर कितना ही दबाव आए, मुझे कितना भी अपमानित क्यों न होना पड़े, मैं यह देश नहीं छोड़ूंगा। मुझे परवाह नहीं कि सरकार क्या कहती है? मुझमें दबाव को झेलने और अपने वजूद को कायम करने की क्षमता है। मेरे पास एक मजबूत और सम्पन्न परिवार है। मेरा परिवार ही मेरी असली ताकत है।
गौरतलब है कि हरियाणा में सत्ता में आने के बाद वहां की भाजपा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी सहित विभिन्न लैंड डील की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया है। पिछले कुछ वर्षों से रॉबर्ट ने अपने फेसबुक पेज के जरिए अपने ऊपर किए जा रहे ‘हमलों’ का जवाब दिया था। मीडिया के जरिये भी उन्होंने अपनी बात रखी है।