रेल बजट : प्रभु की ‘पोटली’ से निकले तेजस, उदय और हमसफर


– वर्ष २०१५-१६ के बजट में बिजली समेत ईंधन लागत में ८,७२० करोड़ रू की बचत
– वर्ष २०१६-१७ के लिए इस साल निवेश १.२१ लाख करोड़ रु
– रेलवे के आरक्षण कोटे में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण
– रेल की २,००० किमी.लाइनों का होगा विद्युतीकरण
– १० फीसदी ज्यादा आय बढ़ाने का रखा लक्ष्य
नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट २०१६-१७ पेश किया। बतौर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दूसरी बार रेल बजट प्रस्तुत किया है। प्रभु ने मौजूदा दौर को रेलवे के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुये इसके पुनर्गठन, पुनर्निर्माण और पुनरूद्धार पर अगले ५ वर्षाें में ८.५ लाख करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की। प्रभु ने लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन रेलवे को देश की प्रगति और आर्थिक विकास की रीढ़ बनाने का है और रेलवे इसी दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यात्रियों की गरिमा और रेल की गति को राष्ट्र की प्रगति के लिए जरूरी बताते हुये कहा कि उनका यह बजट आम नागिरकों की आकांक्षा का बजट है। उन्होंने कहा कि वर्ष २०१६-१७ के दौरान १.२० लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके साथ ही २,००० किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण करने का प्रस्ताव है। रेल मंत्री ने रेलवे के पुनर्गठन की जरूरत बताई और रेलवे के काम करने के तरीकों में बदलाव की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ‘विपदाओं के आगे झुकेंगे नहीं, रेलवे के लिए चुनौती भरा दौर है हम सबको मिलकर काम करना होगा। रेलवे को अपनी कमाई बढ़ाने की जरूरत है इसलिए पिछले साल के मुकाबले १० फीसदी ज्यादा आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि उन्होंने कहा कि सिर्फ यात्री किराया बढ़ाना कमाई का जरिया नहीं है, रेलवे के खर्चों में कटौती करके भी लक्ष्य हासिल होगा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मंदी के दौर से गुजर रही है।

– प्रभु ने जनता से किए वादे

-रेलवे के आरक्षण कोटे में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
-ट्रेनों में पायलट आधार पर बच्चों के खाने की अलग से व्यवस्था पेश होगी।
-रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिए निचली सीट का कोटा बढ़ाकर ५० प्रतिशत करेगी।
-मुख्य उद्देश्य रेल को आर्थिक वृद्धि का इंजन बनाना, रोजगार पैदा करना और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देना।
-शुल्क राजस्व के अतिरिक्त राजस्व के नये स्रोतों का दोहन करेंगे।
-परिचालन अनुपात वर्तमान वर्ष के ९० प्रतिशत की तुलना में ९२ प्रतिशत होगा।
-वित्त वर्ष २०१५-१६ के बजट में बिजली समेत ईंधन लागत में ८,७२० करोड़ रूपये की बचत
-वित्त वर्ष २०१६-१७ के लिए इस साल निवेश १.२१ लाख करोड़ रुपए रहेगा।
-तीन सीधी और पूर्णत: वातानुकूलित ‘हमसफर’ रेल गाड़ियां १३० किमी/घंटे के रफ्तार से चलेंगी।
-कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर पायलट आधार पर बार कोड वाले टिकट की होगी शुरूआत
-वित्त वर्ष २०१६-१७ के रेल बजट में उ.-दक्षिण, पूरब-पश्चिम समर्पित फ्रेट कारिडोर का प्रस्ताव किया।
-पत्रकारों के लिए रियायती दर पर टिकटों की ई-बुकिंग पेश
-मांग आधारित रेल डिब्बों की सफाई की व्यवस्था पेश होगी।
-अशक्त लोगों के लिए इस वर्ष ११-ए श्रेणी के स्टेशनों पर विशेष शौचालय बनेगें
-अजमेर, अमृतसर, गया, मथुरा, नांदेड, नासिक, पुरी, तिरूपति, वाराणसी, नागपत्तनम और अन्य पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
-अगले साल २,८०० किलोमीटर नए ट्रैक का परिचालन शुरू करेंगे।
-रेलवे विद्युतीकरण पर खर्च में ५० प्रतिशत वृद्धि, अगले वित्त वर्ष में २००० किलोमीटर रेल मार्ग का विद्यतीकरण किया जायेगा।
-रेलवे को सरकार से ४०,००० करोड़ रुपए का बजटीय समर्थन मिलेगा।
-रेलवे वित्त वर्ष २०१७-१८ में ९ करोड़ और वित्त वर्ष २०१८-१९ में १४ करोड़ मानव दिवस सृजित करेगा।
-यात्रियों के किराये में सब्सिडी के चलते रेलवे को ३० हजार करोड़ रू का नुकसान।
-रेल पुलों के निर्माण के लिए १७ राज्यों ने भारतीय रेलवे के साथ संयुक्त उद्यम बनाने पर सहमति व्यक्त की।
-१२४ सांसदों ने सांसद निधि से यात्री सुविधाओं के विकास में योगदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
-४०० रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई युक्त बनाया जाएगा, इस साल १०० स्टेशनों पर यह सुविधा होगी।
-४०० स्टेशनों का सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए आधुनिकीकरण किया जाएगा।
-वित्त वर्ष २०१६-१७ में रेलवे पूरी तरह से कागज मुक्त अनुबंध व्यवस्था को अपना लेगा।
-पिछले वर्षों की तुलना में रेलवे का इस वर्ष का सुरक्षा रिकार्ड बेहतर लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
संदीप सिंह/देवेन्द्र/ईएमएस/२५/फरवरी/२०१६


(रेल बजट-२०१६-१७) प्रभु ने अटल जी से प्रेरणा लेकर पढ़ी हरिवंश राय बच्चन की कविता, ‘विपदाएं आती हैं, हम न रूकेंगे’ (२५आरएस३४ओआई)
नई दिल्ली (ईएमएस)। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज लोकसभा में पेश अपने रेल बजट भाषण में रेलवे के समक्ष पेश चुनौतियों का जिक्र किया लेकिन साथ ही कहा कि इन चुनौतियों से निपटने में वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता की पंक्तियों से प्रेरणा पाते हैं। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को बेहतर स्थिति में लाने का हम पर दबाव बना हुआ है लेकिन मुझे इस समय, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कुछ पंक्तियां याद आ रही हैं जिन्होंने कहा था। विपदाएं आती हैं आएं, हम न रूकेंगे, हम न रूकेंगे, आघातों की क्या चिंता है? हम न झुकेंगे, हम न झुकेंगे।
रेल मंत्री ने कवि हरिवंश राय बच्चन की भी कुछ पंक्तियों को उद्धृत किया और अपनी अंदरूनी ताकत, विविध प्रतिभाओं और भरपूर अनुभव का इस्तेमाल करने की प्रतिबद्धता को कुछ इस प्रकार बयान किया।
नव उमंग, नव तरंग,
जीवन का नव प्रसंग,
नवल चाह,
नवल राह,
जीवन का नव प्रवाह।
रेल मंत्री ने फिर से वाजपेयी जी को याद करते हुए कहा कि जब तक ध्येय पूरा न होगा, तब तक पग की गति न रूकेगी, आज कहे चाहे कुछ दुनिया, कल को बिना झुके न रहेगी। सुरेश प्रभु ने अपना बजट भाषण समाप्त करते हुए भगवान बुद्ध का स्मरण किया और कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा है कि जब भी कोई व्यक्ति यात्रा करता है तो वह दो गलतियां कर सकता है: पहली यात्रा शुरू ही न करे और दूसरी सफर पूरा न करे। उन्होंने कहा कि हम अपना सफर पहले ही शुरू कर चुके हैं और मैं इस यात्रा को पूरा भी करना चाहता हूं। हम भारतीय रेल को समृद्धि अथवा सफलता की मंजिल तक पहुंचाने से पहले नहीं रूकेंगे।