रेलवे के बेडे में शामिल होंगे 50 सोलर डिब्बे


जयपुर। जोधपुर में उत्तर-पाqश्चम रेलवे के वर्वâशॉप से मार्च अंत तक, ५० रेल कोच पर सोलर पैनल लगा दिए जाएंगे। रेल कोचों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं जो टयूबलाइट और पंखों को ऊर्जा देंगे। लेकिन ऐसा सिर्पâ नॉन एसी कोच में ही होगा। इससे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत वर्जन तैयार किए गए थे लेकिन ऐसा पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में कोचों पर सोलर पैनल लगाए गए हों।
एक बार इन ५० कोचों के रेग्युलर बेस पर चलने के बाद, ऐसा अनुमान है कि रेलवे २३९ टन कार्बन उत्सर्जन में कटौती कर पाएगा। सालाना १ हजार लीटर डीजल की भी बचत होगी और इससे ४५ लाख रुपए की बचत होगी। इन सोलर पैनल को लगाने का खर्च २.५ करोड़ रुपए है। अच्छी देखरेख के साथ ये पैनल १५-२० साल काम कर सकते हैं। उत्तर पाqश्चम रेलवे के जनरल मैनेजर अनिल िंसघल ने बताया कि हर कोच पर हाई वैâपेसिटी वाले १२-१२ पैनल लगाए गए हैं। दिन की रोशनी में ये ३.६ किलोवाट की ऊर्जा पैदा करेंगे। हालांकि सीएफएल और पंखों के लिए जरूरत १.६ किलोवाट की ही है।िंसघल ने आगे बताया कि जोधपुर और दिल्ली दो ऐसे शहर हैं जहां सोलर पैनल युक्त कोच तैयार किए जा रहे हैं।