रिलायंस बनाएगी मिसाइल


मुंबई। अनिल अंबानी समूह की रिलायंस डिपेंâस मिसाइल निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने जा रही है। वंâपनी ने इसके लिए इजरायल की रापेâल के साथ भारत में संयुक्त उपक्रम बनाने की घोषणा की है। मंगलवार को वंâपनी ने बताया है कि रापेâल के साथ मिलकर वह हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, वायु रक्षा प्रणाली और बड़े एरोस्टैट (हवा से हल्का विमान) का निर्माण करेगी। इसकी आरंभिक पूंजी १३,००० करोड़ रुपये होगी। वंâपनी ने कहा है, ’’रापेâल एडवांस डिपेंâस सिस्टम्स रक्षा तकनीक के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी वंâपनी में गिनी जाती है। रापेâल के साथ रणनीतिक साझीदारी में रिलायंस डिपेंâस जटिल क्षेत्र में कदम रखेगी।’’
कपनी ने बताया है कि संयुक्त उपक्रम से भारत में अत्यंत बेहतर और नवीनतम तकनीक से लैस हथियार प्रणाली के स्वदेशी उत्पादन एवं विकास को बल मिल सकेगा। संयुक्त उपक्रम में मौजूदा सरकारी निर्देशानुसार रिलायंस की हिस्सेदारी ५१ फीसदी और रापेâल की ४९ फीसदी होगी। नया उपक्रम मध्य प्रदेश के इंदौर में ाqस्थत धीरूभाई अंबानी लैंड सिस्टम्स पार्वâ में होगा। यहां ३००० अत्यंत कुल लोगों को रोजगार मिलेगा। मौजूदा जरूरतों को देखते हुए संयुक्त उपक्रम बहुद्देश्यीय कार्यक्रमों का समाधान करेगा। इसपर अगले १० वर्षों में ६५,००० करोड़ रुपये से ज्यादा लागत का अनुमान है। रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कहा है कि रक्षा खरीद में एजेंटों को नजरअंदाज करना जरूरी है। एजेंटों को अपवाद में ही शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने निजी क्षेत्र के सौदों के लिए और पारर्दिशता का आह्वान किया है ताकि सशस्त्र बलों के लिए होने वाले समझौतों से बाहर आया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि अंतर-सरकारी समझौतों और विदेशी सैन्य सौदों में निजी क्षेत्र कहां खड़ा होगा। डिपेंâस एक्सपो २०१६ में एसोचैम की ओर से आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन में अनिल अंबानी ने अपनी बात रखी।