रिर्पोट- जेएनयू में लगे 29 नारे, लेकिन नहीं लगा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’


नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कमिश्नर बीएस बस्सी को जेएनयू छात्रों के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में ९ फरवरी को मौजूद चश्मदीद गवाहों ने कहा कि शहादत दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे नहीं लगे थे। मालूम हो कि दिल्ली पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए ९ फरवरी मामले में जी न्यूज पर चलाए गए वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। उस एफआईआर में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगने की बात कही गई है। वहीं उक्त वीडियो की सत्यता पर सवाल उठने के बाद विश्व दीपक जो जी न्यूज में प्रो?ड्यूसर थे उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। उक्त पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाला वीडियो में दरअसल ‘भारतीय कोर्ट जिंदाबाद’ के नारे लगे थे ना कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के। वहीं जी न्यूज के सुधीर जो पहले इस वीडियो के सपोर्ट में खड़े थे और उसे सही बता रहे थे वो विश्व दीपक के इस्तीफे को चैनल का आंतरिक मामला बता रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस(दक्षिण) प्रेम नाथ ने अपनी रिपोर्ट बस्सी को सौंपी जिसका नाम उन्होंने रखा है, ‘ए ब्रीफ बैकग्राउंड एंड फैक्चुअल नोट ऑन द इंसीडेंट एट जेएनयू रिगार्डिंग केस एफआईआर नं. ११०/१६ डेटेड ११.०२.२०१६। १२ पन्नों की इस रिपोर्ट के अनुसार, ‘जेएनयू में कार्यक्रम के दौरान मौजूद कॉलेज स्टाफ और अन्य चश्मदीदों ने ये जानकारी दी है कि आयोजकों और समर्थकों ने कई तरह के नारे लगाए।’ रिपोर्ट के अनुसार ९ फरवरी के कार्यक्रम में २९ नारे लगे लेकिन उनमें पाकिस्तान जिंदाबाद शामिल नहीं था। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में जी न्यूज पर चलाए गए वीडियो का हवाला देकर ही नारों को शामिल किया था। वीडियो की जांच करके ही नारे लगाने वाले लोगों की पहचान की थी। इसके साथ ही जेएनयू प्रशासन के प्रतिनिधियों से भी पुलिस ने पूछताछ की थी। वहीं कई वीडियो हैं जिनके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कन्हैया कुमार को देशद्रोही नारे लगाने के लिए गिरफ्तार किया था।