राजनीतिक स्वार्थवश देश की सुरक्षा से कांग्रेस ने किया खिलवाड़ : भाजपा


-इशरत जहां मामले में हलफनामा बदलने की व्यापक जांच की मांग
नईदिल्ली। इशरत जहां मामले की व्यापक जांच करने की मांग करते हुए बीजेपी ने पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पंâसाने के लिए काम कर रहे थे। वेंâद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से कहा कि गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आर एस मणि ने एक चैनल पर खुलासा किया है कि हलफनामा बदलने के लिए उन पर दबाव डाला गया था। रविशंकर ने बताया कि िंचदबरम के गृह मंत्री बनने के बाद ३० सितंबर २००९ को दूसरा हलफनामा उच्चतम न्यायालय में दायर किया गया था। पूर्व गृह सचिव पिल्लई ने भी हाल में कहा था कि यह गृह मंत्री के स्तर पर तैयार किया गया था और इस बारे में उनसे या उनके विभाग से नहीं पूछा गया था। कांग्रेस के नेताओं ने अपने राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया क्योंकि वे मोदी की लोकप्रियता से घबरा गए थे और उन्हें पंâसाना चाहते थे। क्या गृह मंत्री से ऐसे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने मोदी और शाह को पंâसाने के लिए पूरे खुफिया तंत्र पर ही सवाल खड़े कर दिए। भाजपा नेता ने कहा कि चिदंबरम यह काम खुद नहीं कर रहे थे बाqल्क कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के इशारे पर कर रहे थे। उन्होंने सरकार से इस मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस पर न्यायिक आयोग गठित किया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। मणि ने कहा है कि छह अगस्त २००९ को इस मामले में पहला हलफनामा उन्होंने ही तैयार किया था जिसमें कहा गया था कि इशरत जहां और उसके साथी लश्कर ए तैयबा से जुड़े थे। इस बारे में आईबी का इनपुट था और उच्च स्तर पर इसकी पुाqष्ट हुई थी। इस हलफनामे में कहा गया था कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है। हलफनामे के लिए कानून मंत्रालय की भी राय ली गयी थी। मणि ने साथ ही कहा कि एसआईटी प्रमुख ने आईबी अधिकारी का नाम बताने के लिए उन पर दबाव डाला था।