यूरोपीय संघ पर जनमत संग्रह जारी


लंदन। ब्रिटेन के 4.65 करोड़ लोग वोटिंग के जरिए अपनी राय रखेंगे।क्यों कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में रहने पर जनमत संग्रह शुरु हो चुका है।  यूरोपीय संघ के पक्ष और विपक्ष में वोटिंग हो रही है।  ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन का हिस्सा बना रहेगा या नहीं, इस सवाल पर आज ब्रिटेन में जनमत संग्रह होने जा रहा है। भारत समेत दुनियाभर के देशों की निगाहें इस जनमत संग्रह के फैसले पर टिकी हैं, जिसके नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। यूरोपियन यूनियन को लेकर पूरा ब्रिटेन दो पक्षों में बंटा हुआ है। इस मुद्दे को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा जारी है क्योंकि इसका अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों और विनिमय दरों पर असर पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ब्रिटेन के मतदाताओं से अपील की कि वे ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में बने रहने के पक्ष में मतदान करें और एक ही समय में दो अलग अलग अवसरों का फायदा उठाने से चूके नहीं। गौरतलब है कि आज यहां ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर आने के मुद्दे पर जनमत संग्रह होना है। इसके परिणाम से यूरोप का भविष्य तय होगा। ब्रिटेन के संघ में ‘बने रहने’ के समर्थन में 1,280 बिजनेस नेताओं ने एक पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए चेतावनी दी है कि उसके संघ से बाहर आने पर ‘आर्थिक अस्थिरता आएगी और नौकरियों पर संकट आएगा।’ इस जनमत संग्रह का अंतिम परिणाम शुक्रवार सुबह आने की उम्मीद है।

अगर ब्रिटेन ईयू से अलग होता है, तो यह ईयू और ब्रिटेन के इतिहास की सबसे बड़ी घटना होगी। 28 देशों वाले ईयू से पहली बार कोई देश अलग होने की स्थिति में है। इन देशों में 51 करोड़ लोग (दुनिया की 7 फीसदी आबादी) रहते हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के कार्यकाल में इस तरह का यह दूसरा जनमत संग्रह है। सितंबर 2014 में उन्होंने स्कॉटलैंड में यूके का हिस्सा बने रहने के लिए ऐसा किया था। उन्होंने ही स्कॉटलैंड के नागरिकों से यूके को बनाए रखने की अपील की थी। अब चूंकि खुद ब्रिटेन की बात है, तो दूसरे देशों के कई लोग स्थायी रूप से वहां रहने के लिए आवेदन कर रहे हैं।