यूपी के बाद उत्तराखंड में भी पीके


नई दिल्ली। पंजाब और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए रणनीति बना रहे प्रशांत किशोर यानी पीके अब उत्तराखंड में भी पार्टी के लिए नीति तैयार करेंगे, पीके और उनकी टीम हरीश रावत सरकार के लिए अभियान की रणनीति तैयार करेगी। सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड में होने वाले चुनावों के लिए अभियान की जिम्मेदारी पीएके को सौंपी गई है,अगले कुछ दिनों में वो अभियान को अंतिम रूप देंगे। इस संबंध में वो मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर चुके हैं।
मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार बीते २७ दिसंबर को पीएम मोदी की रैली में जुटी भीड़ ने कांग्रेसी में खलबली मचा दी है जिसके बाद से ही कांग्रेस अपना हर अगला कदम पूंâक-पूंâक कर रखना चाहती है, यही वजह है कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के ठीक पहले कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। बीजेपी के आक्रामक प्रचार का सामना करने के लिए प्रशांत किशोर ने सीएम हरीश रावत के साथ गुफ्तगु की और अब राज्य में होने वाले हर वेंâद्रीय मंत्री के दौरों और बीजेपी के बड़े नेताओं की रैली पर नजर रखी जा रही है, इतना ही नहीं पीके यूपी में लगातार सपा के साथ गठबंधन के आसार खोज रहे हैं,प्रशांत किशोर लगातार अखिलेश और रामगोपाल के संपर्वâ में हैं, अभी तक कांग्रेस अपनी रणनीति में कामयाब नजर आ रही है और अगर सपा के अलग होकर अखिलेश चुनाव लड़ते हैं तो कांग्रेस के साथ गठबंधन प्रबल संकेत हैं।उधर यहां खबर भी जोर मार रही हैं कि पीके के काम करने के तरीकों को कांग्रेस के कई बड़े नेता पंसद नहीं करते है यहीं कारण हैं कि पीके को कांग्रेस ने यूपी चुनाव से बाहर कर दिया है।वहीं पंजाब में भी वैâप्टन पीके के काम करने के तरीके से खुश नहीं है।