यूपीए से 5 गुना तेज एनडीए सरकार


नई दिल्ली। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के मुकाबले मौजूदा एनडीए सरकार की काम करने की गति पांच गुनी है। शहरी गरीबों के लिए एक साल में पांच लाख मकान बना दिए। जबकि पिछली सरकार ने अपने दो कार्यकाल के दौरान कुल दस लाख मकान ही बनाए थे। सबको मकान देने के वायदे को पूरा करने को लेकर सरकार व्यापक स्तर पर जुटी हुई है। पिछली संप्रग सरकार के दौरान शहरी गरीबों के लिए कुल १४ लाख मकान बनाने की कई परियोजनाएं मंजूर की गई। लेकिन इनमें से केवल १० लाख मकान ही बनाए जा सके थे। इनमें से ज्यादातर आवास जवाहर लाल नेहरु शहरी रिन्यूवल मिशन के तहत बनाए गए थे। वेंâद्र की मौजूदा एनडीए सरकार ने सत्ता में आते ही वर्ष २०२२ तक सबको आवास देने का ऐलान कर दिया था। उसी के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम आय वर्ग के लोगों के लिए मकान बनाने की प्रधानमंत्री आवास योजना को तेज कर दिया गया। र्आिथक रूप से कमजोर वर्ग के लिए शहरी विकास मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में ही शहरी क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लांच हुई। पिछली सरकार के दौरान शहरी क्षेत्र की दो आवासीय परियोजना की लागत ४० हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो पूरे कार्यकाल की मंजूर राशि थी। इसके मुकाबले एनडीए सरकार ने पहले वर्ष के लिए २९ हजार करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया। शहरी गरीबों के लिए मकान बनाने की योजनाओं को तेजी से चलाने के लिए उन्हें कई और तरह की सुविधाएं दी गई हैं। इस साल वित्त वर्ष २०१६-१७ के आम बजट में इन प्रावधानों का एलान किया गया है।