मोदी ने 21वीं बार की ‘मन की बात’ : दिलाई इमरजेंसी की याद


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं बार मन की बात की। पीएम ने इसरो की ओर से एक साथ 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में छोड़ने और तीन महिला फायटरों को बधाई के साथ मन की बात शुरू की। उन्‍होंने कहा कि इसरो ने अमेरिका समेत कई देशों के 17 सैटेलाइट स्पेस में भेजे। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। पुणे और सत्यभामा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सैटेलाइट बनाया, जिसे इसरो मे प्रक्षेपित किया। 22 जून को इसरो के मेगा मिशन के लिए एक बार फिर बधाई देता हूं। इस साल हमने गर्मी और सूखे का दर्द झेला है। साइंटिस्ट बता रहे हैं कि इस बार अच्छी बारिश होगी। किसान भाइयों को मानसून की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मोदी ने आगे कहा कि एयरफोर्स में देश की तीन बेटियों ने फाइटर प्लेन में पायलट बनकर हमारा मन बढ़ाया। भावना, अवनि और मोहना तीनों देश के छोटे शहरों से हैं। उन्हें शुभकामनाएं। हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जारी हुए। इनमें बेटियों ने बाजी मारी है। योग दिवस के बारे में कहा कि सरकार ने सूर्य नमस्कार की डाक टिकट जारी की है।  योग का मतलब दुनिया को जोड़ना है। सतना की बेटी स्वाति ने मुझे कॉल कर योग दिवस पर सुझाव दिया है। योग के जरिए डायबिटीज से निपटने के लिए कैम्पेन की शुरुआत की है। इमरजेंसी की बरसी के मौके पर उन्‍होंने कहा कि आज कभी-कभी मन की बात का मजाक उड़ाया जाता है। आज के दिन 26 जून 1975 को भारत में लोकतंत्र के लिए काली रात थी। जेपी, लोहिया समेत कई बड़े नेताओं को इमरजेंसी के दौरान जेलों में धकेला गया। रेडियो और अखबारों पर लगाम लगा दी गई। लोकतांत्रिक शक्ति का एहसास बार-बार होना चाहिए। लोकतंत्र का मतलब है जन भागीदारी। सरकारों को जनता से जुड़ना चाहिए। तभी देश आगे बढ़ेगा। चुनाव लोकतंत्र का हिस्‍सा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पांच साल के लिए सरकार चलाने का कांट्रेक्‍ट दे दो और भूल जाओ।