मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मांगी स्थाई सीट


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थायी सदस्यस्ता की जोरदार पैरवी करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक शांति में अपार योगदान के लिए उसका ‘हक’ मिलना चाहि। उन्होंने यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा वो दिन बीत गए जब भारत को हाथ फैलाना पड़ता था। अब हम हमारा अधिकार चाहते हैं। किसी दूसरे के पास ऐसा नैतिक बल नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जब अपनी ७० वीं वषर्गांठ मनाए तो वह इस मुद्दे पर अपने रूख पर पुनर्विचार कर। उन्होंने भारत की स्थायी सदस्यता के दावे पर इस विश्व निकाय से विचार करने की अपील करते हुए कहा यह भारत जैसे शांति प्रिय देश को मान्यता देने का एक अवसर है। स्थायी सदस्यता के लिए भारत के पक्ष को मजबूती से रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक बलों में भारत की अधिकतम मौजूदगी रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रथम विश्व में १४ लाख भारतीय युद्ध के मोर्चे पर पहुंचे और द्वितीय विश्व युद्ध में भी भारतीयों की अपार भागीदारी रही। हिंदी में अपनी बात रखते हुए मोदी ने कहा कि विश्व को यह समझना चाहिए और भारत के प्रति दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत कभी भी किसी देश के खिलाफ आक्रमणकारी नहीं रहा और उसका दृढ़ विश्वास है कि दुनिया को युद्ध के साये से मुक्ति पानी चाहि। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कभी-कभार इतिहास को भुला दिया जाता है। जो लोग इतिहास भूल जाते हैं, वे इसे लिखने का अपना अधिकार खो देंग। उपस्थित लोगों के ‘मोदी-मोदी के उद्गारों के बीच उन्होंने यहां करीब २,००० लोगों को संबोधित किया। एक पर्यटक के तौर पर पहले के अपने फ्रांस के दौरे को याद करते हुए मोदी ने कहा अब मैं यहां से पर्यटकों को भारत ले जाने आया हूं। प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की यात्रा के बाद आज जर्मनी पहुंचेग। पीएम तीन देशों की आठ दिनों की यात्रा पर हैं।
झा/१२अप्रैल/१२.३०